विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरियाणा में मौसम ने मचाया कहर, आंधी से 1100 से अधिक खंभे गिरे और 635 पेड़ उखड़े; दो नाबालिग सहित तीन की मौत

Published: Thu, 22 May 2025 07:59 AM (IST)

Haryana Weather Update हरियाणा में बुधवार को मौसम बदलने से कई जिलों में आंधी और बारिश आई। 60-70 किलोमीटर प्रति ...और पढ़ें

आंधी से 1100 से अधिक खंभे गिरे और 635 पेड़ उखड़े (जागरण फोटो)
आंधी से 1100 से अधिक खंभे गिरे और 635 पेड़ उखड़े (जागरण फोटो)

जागरण टीम, हिसार। हरियाणा में बुधवार देर शाम को अचानक मौसम में बदलाव हुआ। पश्चिमी हवाओं ने प्रदेश को गर्मी से राहत दिलवाई। यमुनानगर, कैथल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला में वर्षा हुई। कुरुक्षेत्र के पिहोवा में ओले गिरे। 60 से 70 किलोमीटर की गति से हवा चली।

करीब 45 मिनट तक तेज हवाएं चलती रहीं। इससे पेड़ और खंभे टूट गए। आंधी के कारण हुए हादसों में एक महिला और दो नाबालिगों की मौत हो गई।

कैथल में धूलभरी आंधी के कारण ट्रैक्टर-ट्राली के पास से गुजरते समय दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने से टक्कर हो गई। एक मोटरसाइकिल पर सवार दो नाबालिग ट्रैक्टर-ट्राली के नीचे आ गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

छत गिरने से दादा-पोता की मौत

दूसरी मोटरसाइकिल पर जा रहे नाबालिग को गंभीर चोट आईं। पानीपत के अर्जुन नगर में मकान की छत गिरने से 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई व 17 वर्षीय पोता घायल हो गया।

इसी तरह साईं कालोनी में छत गिरने से 40 वर्षीय शिव गंगा व महावीर कॉलोनी में 50 वर्षीय सतपाल घायल हो गया। फतेहाबाद के टोहाना में डांगरा रोड पर पेड़ गिरने से बाइक सवार घायल हो गया। उसकी हालत गंभीर है।

अंधड़ में आठ जिलों में 1100 से अधिक खंभे गिरे। हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, फरीदाबाद, गुरुग्राम व रेवाड़ी में भी नुकसान हुआ। 

कहां कितने खंभे और पेड़ गिरे

  • पानीपत में 800 खंभे गिरे 350 पेड़ उखड़े

  • जींद में 90 खंभे गिरे 150 पेड़ उखड़े

  • कैथल में 140 खंभे गिरे 95 पेड़ उखड़े

  • कुरुक्षेत्र में 3 खंभे गिरे और 5 पेड़ उखड़े

  • यमुनानगर में 10 खंभे गिरे 20 पेड़ उखड़े

  • अंबाला में 31 खंभे गिरे 5 पेड़ उखड़े

  • करनाल में 15 खंभे गिरे और 10 पेड़ उखड़े

  • रोहतक में 1 खंभा गिरा और 25 पेड़ उखड़े।