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    Haryana Encounter: पढ़ाई छोड़ शराब के धंधे में आ गया था लालू, ठेके पर चलाई थी पहली गोली, ऐसे बढ़ता चल गया जुर्म की दुनिया में

    Updated: Sat, 13 Jul 2024 08:44 PM (IST)

    Haryana Encounter शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे दिल्ली स्पेशल सेल के जवान ने फोन कर लालू के मौसेरे भाई अजय को एनकाउंटर के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद शनिवार सुबह लालू का पिता सुरेश और भाई संदीप गांव के सरपंच व एक अन्य के साथ शव को लेने के लिए सोनीपत रवाना हुए। खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।

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    Haryana Encounter: लालू खारिया का घर, मौत की खबर मिलते ही पसरा मातम।

    मनोज खर्ब/कुलदीप जांगड़ा, हिसार। ऑटो मार्केट में तीन व्यापारियों से नौ करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और फायरिंग करने वाले गांव खारिया निवासी 22 वर्षीय आशीष लालू के सोनीपत के खरखौदा के नजदीक हुए शुक्रवार रात को एनकाउंटर के बाद शनिवार को गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में दुकानों में बैठे लोग इंटरनेट मीडिया पर फोटो देखकर ये मानने को तैयार नहीं थे कि लालू का एनकाउंटर हो गया।

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    लोगों की जुबान से एक बात थी कि फोटो में तो लालू नहीं लग रहा है। क्योंकि लालू को गांव में आए हुए एक साल से ज्यादा का समय हो चुका है। हालांकि लालू के मकान पर ताला लटका हुआ था। लालू के चाचा के मकान पर चाचा और दो पड़ोसी बैठे मिले। पड़ोस की दो-तीन महिलाएं आई हुई थीं। परिवार के लोग कुछ ज्यादा बोलने को तैयार नहीं थे।

    तीन साल पहले कर दिया था बेदखल

    एक महिला बोली कि हमने लालू को बहुत समझाया, वो हमारा नहीं था, क्योंकि उसने हमारी एक भी नहीं सुनी। हमने तो उसे तीन साल पहले ही बेदखल कर दिया था। एक साल से तो उसकी शक्ल तक नहीं देखी। उसके कारण परिवार के अन्य लोग भी परेशान थे। क्योंकि कुछ साल पहले लालू से रंजिश के चलते डोभी गांव के युवकों ने लालू के मौसेरे भाई की आंख फोड़ दी थी।

    ...नहीं रुका लालू

    स्वजन के मुताबिक आंख और सिर के ऑपरेशन में करीब 16 लाख खर्च आया था। जिसका कर्ज उतारने के लिए परिवार को एक प्लॉट तक बेचना पड़ा। लालू को उस समय भी समझाया कि इन झगड़ों से दुश्मनी बढ़ती है। इससे परिवार के अन्य लोगों को भी दिक्कत आती है। मगर लालू नहीं रुका।

    श्रमिक की पीट-पीट कर कर दी थी हत्या

    लालू ने 11वीं पढ़ाई करने के बाद 2017 में शराब ठेके में हिस्सेदारी शुरू की थी। उसी दौरान शराब ठेकेदार के साथ कहासुनी हुई तो लालू ने गोली चला दी। मामले में हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ। इसके बाद डोभी गांव में झगड़ा हुआ। लालू ने जुलाई 2023 को खारिया में एक श्रमिक की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी।

    इसके बाद लालू गांव से बिल्कुल लापता हो गया। परिवार के लोगों का दावा है कि उसके बाद से लालू का परिवार और गांव से बिल्कुल कनेक्शन कट गया था। जब भी लालू कोई नई वारदात करता तो पुलिस उनके घर आती, तब उन्हें घटना के बारे में पता चलता था।

    मौसेरे भाई को दी एनकाउंटर की सूचना

    आशीष लालू के स्वजन के अनुसार, शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे दिल्ली स्पेशल सेल के जवान ने फोन कर लालू के मौसेरे भाई अजय को लालू के एनकाउंटर के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद शनिवार सुबह लालू का पिता सुरेश और भाई संदीप, गांव के सरपंच व एक अन्य साथ शव को लेने के लिए सोनीपत रवाना हुए।

    छोटी उम्र में हो गई थी मां की मौत

    लालू जब एक वर्षा का था तो उसकी मां का देहांत हो गया था। मां की मौत के बाद दादी और मौसी ने उसका पालन पोषण किया। पिता सुरेश कुमार पेशे से किसान है। बड़ा भाई संदीप गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करता है। पिता ने पढ़ाने के लिए लालू को स्कूल में दाखिला तो करवाया।

    मगर लालू स्कूल टाइम में ही विवाद में उतर गया था। स्कूल में पढ़ाई के समय रहने वाले एक युवक ने बताया कि लालू के स्कूल में पढ़ाई करते वक्त भी कई बार विवाद हुए थे।