जागरण संवाददाता, हिसार। साउथ बाईपास के समीप जिंदल डिफेंस के हथियारों की फैक्ट्री का ढांचा हिसार में बनकर तैयार हो गया है। अब इस फैक्ट्री को शुरु करने में छह माह से भी कम समय लगेगा। कंपनी के अधिकारियों की मानें तो मशीनों को मंगाने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। इस प्रक्रिया में जो भी कागजी कार्यवाही होगी उसे अमल में लाया जा रहा है। अभी तक जिंदल डिफेंस को हथियारों की फैक्ट्री बनाकर कार्य शुरू कर देना था मगर कोविड के कारण निर्माण कार्य काफी प्रभावित हुआ था। कोविड का प्रभाव कम हुआ तो दिन रात फैक्ट्री का निर्माण कार्य शुरू कराया गया। अब जल्द से जल्द मशीनें लगाने की कवायद चल रही है। हालांकि कंपनी के कार्य को लेकर अधिकारिक रूप से अभी जानकारी नहीं साझा नहीं की गई है।

एक दो सप्ताह में लिया जाएगा कंप्लीशन सर्टिफिकेट

जिंदल डिफेंस के हथियारों की फैक्ट्री की फैक्ट्री तो बनकर तैयार हो गई है मगर इसके कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने के लिए प्रक्रिया को किया जा रहा है। इसमें करीब दो सप्ताह का समय लग सकता है। इस सर्टिफिकेट के आने के बाद इंडस्ट्री को सेट किया जाएगा। जो भी उपकरण लगाने होंगे वह लगाए जाएंगे। अभी तक मशीनें आई नहीं है तो मशीनों को स्थापित करने के बाद इसी साल कार्य को शुरू कर दिया जाएगा। जिंदल डिफेंस हरियाणा की पहली शस्त्र फैक्ट्री होगी जहां पर छोटे हथियारों का निर्माण होगा।

ब्राजील की कंपनी के साथ हुआ है समझौता

जिंदल डिफेंस ने हिसार में छोटे हथियार बनाने के लिए ब्राजील की कंपनी टारस अरमास एसए के साथ समझौता प्रपत्र (एमओयू) किया था। जिसमें ब्राजीलियन कंपनी शुरुआत में 50 लाख डालर का निवेश कर रही है। देश में विनिर्माण को मजबूत बनाने के लिए जिंदल डिफेंस ने विभिन्न किस्म के छोटे हथियारों के निर्माण के लिए यह समझौता किया था। यह समझौता भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से आयोजित इंडिया-ब्राजील बिजनेस फोरम (आइबीबीएफ) की पहली ब्राजील-भारत रक्षा उद्योग वार्ता के दौरान हुआ था। इसमें ब्राजील हथियार बनाने के लिए तकनीक देगा और हथियार जिंदल ग्रुप की जिंदल डिफेंस कंपनी बनाएगी। इस समझौते के तहत दोनों कंपनियों जिंदल डिफेंस और टारस अरमास एसए की 51:49 की इक्विटी अनुपात की भागीदारी होगी। कंपनी टारस से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के आधार पर भारत में छोटे हथियारों का निर्माण करेगी ताकि रक्षा खरीद प्रक्रियाओं के मुताबिक उत्पादन के स्थानीकरण का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

Edited By: Manoj Kumar