संवाद सहयोगी, हांसी : दारा सिंह को कुश्ती में हराने वाले पहलवान चंदगीराम का अखाड़ा प्रशासन ने सील कर दिया है। यह अखाड़ा प्रदेश के सबसे बड़े गांव और अब नगरपालिका का दर्जा प्राप्त कर चुके सिसाए गांव में बना है। मास्टर चंदगीराम हिंद केसरी, भारत केसरी, भारत भीम और रूस्तमे हिंद विजेता रह चुके हैं। अखाड़ा सील करने की वजह गांव की पंचायती जमीन पर अखाड़े का निर्माण बताया जा रहा है।

इस बारे गांव के ही कुछ लोगों द्वारा प्रशासन को इस बारे शिकायत की थी, जिसके बाद गुरुवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में अखाड़े पर सील लगा दी गई। अखाड़े में खिलाडियों के रहने के लिए हास्टल, व्यायामशाला बनाई गई है। प्रशासन की ओर से इन पर भी सील लगा दी गई। अखाड़े पर सील लगाए जाने के बाद वहां रह रहे खिलाड़ियों की आंखें नम हो गई और वे अखाड़े के ही बाहर बैठ गए।

ज्ञात हो कि अखाड़े में कुश्ती करने के लिए आने वाले खिलाड़ियों के बीच किसी बात को लेकर करीब एक साल से विवाद चल रहा है। इस विवाद के कारण अखाड़े में कोई अप्रिय घटना ना हो, जिसके चलते अखाड़े को सील किया गया है। इस दौरान भारी पुलिस तैनात किया गया। अखाड़े का निर्माण पंचायती जमीन पर किया गया है। पहलवान मास्टर चंदगी राम के नाम से बनाए गए इस अखाड़े के नाम सरकार की ओर से भी कई बार ग्रांट दी जा चुकी है। पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु द्वारा अखाड़े के लिए 10 लाख रुपये की ग्रांट दी गई थी। इसके अलावा राज्यसभा सदस्य डीपी वत्स व ग्राम पंचायत द्वारा भी ग्रांट रिलीज की गई है। परंतु अब अखाड़े में हुआ विवाद किसी बड़ी घटना में तबदील न हो, जिसके चलते प्रशासन की ओर से यह कदम उठाया गया है।

अन्य राज्यों से भी कुश्ती के लिए चंदगी राम के अखाड़े में आते है युवा

भारत को कुश्ती में पहचान दिलाने वाले मास्टर चंदगी राम के नाम से सिसाय गांव में करीब 32 साल पहले अखाड़े की नींव रखी गई थी। अखाड़े की नींव मास्टर चंदगी राम द्वारा ही रखा गया था। अखाड़े के निर्माण के बाद से ही यहां पर अन्य प्रदेशों से भी कुश्ती के गुर्र सीखने के लिए खिलाड़ी आते रहे। अखाड़े में तैयार खिलाड़ी देश-प्रदेश के अलावा विदेशों में भी अपना हुनर दिखाते रहे हैं। ये इस अखाड़े के पहलवानों का ही कमाल था कि गौंडा में हुए नेशनल चैंपियन शिप में इस अखाड़े के पहलवानों ने 6 मेडल अपने नाम किए थे। इस अखाड़े में बतौर पहलवान रहे सैकड़ों युवा आर्मी व पुलिस की नौकरी में जा चुके हैं। यहां पर मिले प्रशिक्षण की बदौलत 6 युवा टीटी के पद पर तैनात हुए हैं। मौजूदा समय में अखाड़े में करीब 125 युवा कुश्ती के गुर्र सीखने के लिए रहते हैं। ये खिलाड़ी हरियाणा के अलावा दिल्ली, यूपी और राजस्थान से भी हैं।

चंदगी राम द्वारा रखी गई थी अखाड़े की नींव

अखाड़े के कोच सुभाष ने बताया कि एक साल पहले दो-तीन शरारती किस्म के लोग अखाड़े में आने लगे थे। उन लोगों को अखाड़े से बाहर कर दिया गया था। जिसके बाद उनके द्वारा अखाड़े का अवैध रूप से निर्माण करने की शिकायत दी गई थी। उन्होंने बताया कि इस अखाड़े का निर्माण चंदगी राम द्वारा किया गया था। वे सीआईएसएफ से रिडायर्ड है। पेंशन आने के बाद उन्होंने अपने पैसों व पूरे गांव के सहयोग से यहां पर खिलाड़ियों के लिए व्यवस्था की थी। परंतु अब प्रशासन द्वारा अखाड़े का सील कर दिया गया।

अखाड़े पर होना चाहिए गांव की कमेटी का अधिकार - सरपंच

गांव के सरपंच मास्टर बलबीर ने बताया कि अखाड़े में प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों के बीच विवाद चल रहा है। जिसके चलते कोई अप्रिय घटना न हो, इसलिए प्रशासन की ओर से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि अखाड़े पर गांव की कमेटी का अधिकार होना चाहिए। ताकि यहां के रेसलर देश का नाम रोशन कर सके। अखाड़े का निर्माण पंचायती जमीन पर किया गया है। परंतु सरकार की ओर से भी अखाड़े के नाम पर ग्रांट आती रही है।

Edited By: Manoj Kumar