रोहतक, [पुनीत शर्मा]। कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए एंटी वायरल ड्रग (रेमडेसिवीर) की देश में बड़े स्तर पर कमी है। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट््यूट ऑफ मेडिकल साइंस (पीजीआइएमएस) के चिकित्सकों ने कोविड-19 के मरीजों पर दवाई का प्रयोग करने के लिए ऑर्डर दिया तो पता चला कि दवाई की पर्याप्त सप्लाई उपलब्ध ही नहीं है। लेकिन, पीजीआइएमएस ने एक चिकित्सक के लिए बांग्लादेश से दवाई मंगवाई। हालांकि बिना दवाई की डोज दिए ही बुधवार को उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आने पर अफसरों ने राहत की सांस ली है।

पीजीआइ के चिकित्सकों ने कोविड-19 मरीजों के लिए भेजी है डिमांड

कोरोना संक्रमित के उपचार के लिए दवाई बनाने के लिए लगातार संक्रमित मरीजों पर शोध किया जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी भी देश के विज्ञानी और चिकित्सकों को ऐसी दवाई नहीं मिली है, जिसे कोविड से बचने के लिए प्रतिरक्षा या फिर कोविड-19 के खात्मे के लिए इलाज के तौर पर प्रयोग किया जा सके।

अब पीजीआइ प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों पर एंटी वायरल दवाई रेमडेसिवीर का मरीजों पर ट्रायल करने के लिए तैयारियां शुरू की हैं। इसके लिए फिलहाल पीजीआइ के अधिकारी 100 मरीजों पर ट्रायल के लिए आवश्यक दवाई की डोज मंगाने की तैयारी कर रहे हैं। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ बैठे अधिकारियों से रेमडेसिवीर मंगाने के लिए वार्ता की गई थी, लेकिन उन्होंने दवाई की सप्लाई पर्याप्त न होने की बात कही है। इससे ट्रायल में देरी की संभावना बनी हुई हैं।

संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक रेमडेसिवीर के ट्रायल के लिए आइसीएमआर द्वारा भी अंतिम अनुमति नहीं दी गई है, लेकिन ट्रायल के लिए तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। इनके आधार पर अधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। रेमडेसिवीर का मरीजों पर ट्रायल के लिए यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका (यूएसए) की सरकार ने चिकित्सकों को अनुमति दी है। बताया जा रहा है कि वहां पर कोरोना मरीजों के उपचार के लिए इसके परिणाम सकारात्मक मिल रहे हैं।

नोडल अधिकारी के लिए बांग्लादेश से मंगाई गई थी दवाई

कोविड-19 ट्रीटमेंट सेंटर के स्टेट नोडल अधिकारी पिछले दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद पीजीआइ प्रशासन ने एंटी वायरल ड्रग रेमडेसिवीर का आर्डर किया। देश में उपलब्धता न होने के बाद अधिकारियों द्वारा प्रबंध करते हुए बांग्लादेश से दवाई की खेप मंगाई गई। फिलहाल केवल एक मरीज के लिए आवश्यक दवाई मंगाई थी।   

कैसे होता है दवाई का प्रयोग और कीमत

पीजीआइ के पल्मनोनरी एंड क्रिटिकल केयर विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. मंजूनाथ ने बताया कि रेमडेसिवीर नामक एंटी वायरल दवाई का मरीजों पर पांच दिनों तक प्रयोग किया जाता है। पहले दिन मरीज को 200 एमजी और अगले चार दिनों तक 100-100 एमजी की डोज दी जाती है। प्रति 100 एमजी डोज की कीमत करीब सात हजार रुपये आती है। जिसके चलते एक मरीज को पांच दिनों में करीब 42 हजार रुपये की दवाई दी जाती है। माना जा रहा है कि सौ मरीजों के लिए 42 लाख रुपये की दवाई मंगाई जाएगी। 

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 '' कोरोना के मरीजों के लिए एंटी वायरल ड्रग रेमडेसिवीर मंगाने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल सौ मरीजों के लिए दवाई मंगाने की तैयारी है। एक चिकित्सक के लिए रेमडेसिवीर मंगाई गई थी। देश में दवाई उपलब्ध नहीं थी, जिसके चलते बांग्लादेश से पांच डोज मंगाई गई थी। हालांकि बिना दवाई का प्रयोग किए ही उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

                                      - डा. वीके कत्याल, कंवीनर व प्रभारी स्टेट नोडल ऑफिसर, कोविड ट्रीटमेंट सेंटर।

 

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