सोनाली फोगाट के पैतृक गांव से पूर्व सीएम ओपी चौटाला और बंसीलाल परिवार का है गहरा नाता
सोनाली फोगाट के पैतृक गांव में बंसीलाल परिवार के साथ प्रदेश के एक और पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के परिवार की भी इस गांव में कई रिश्तेदारियां हैं। इसी कारण भूथनकलां से गया कोई ग्रामीण कभी चंड़ीगढ़ से खाली हाथ नहीं लौटता था।

फतेहाबाद, अमित रूखाया। बीजेपी नेत्री एवं सोशल मीडिया सनसनी सोनाली फोगाट की मौत के साथ सभी तरफ उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने की होड़ लग गई है। इसी कड़ी में एक चीज जो सबसे अधिक सर्च की जा रही है कि सोनाली फोगाट मूल रूप से कहां की रहने वाली थी और उनके परिवार का दायरा क्या है।
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि सोनाली फोगाट हरियाणा के एक वीआईपी गांव की निवासी हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं फतेहाबाद जिले के गांव भूथनकलां की। सोनाली से इतर भी इस गांव की अलग कहानी है। इस गांव में प्रदेश के दिग्गज राजनीतिज्ञों के रिश्तेदार रहते हैं और इतना ही पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल का तो इस परिवार से दामाद का नाता था। इसके चलते प्रदेश और जिले की अफसरशाही में भी इस गांव की तूती बोलती है।
मुख्यमंत्री रहते हुए बंसीलाल कई बार आए अपने ससुराल में, गांव की आंख के थे तारे
प्रदेश के विकास पुरुष कहे जाने वाले चौधरी बंसीलाल कई बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और मुख्यमंत्री रहते हुए वो कई बार फतेहाबाद जिले के गांव भूथनकलां में पहुंचे। सिर्फ पद ही नहीं, बल्कि अपनी हाजिर जवाबी और दिलेर फैसलों के चलते भी बंसीलाल इस गांव के लोगों की आंखों का तारा बन गए थे। भूथनकलां से गया कोई ग्रामीण कभी चंड़ीगढ़ से खाली हाथ नहीं लौटता था। उनके मुख्यमंत्रित्व काल में तो जिले से लेकर प्रदेश के अधिकारियों की भी लाइन इस गांव में लगती थी। इसका असर गांव की स्थिति पर साफ तौर पर देखा भी जा सकता है। खुली और पक्की गलियां, बच्चों के लिए गांव में ही स्कूलों की व्यवस्था आदि इस गांव की बेहतरीन पहचान हैं।
चौटाला परिवार की भी है गांव में रिश्तेदारी, अब भी आते हैं सीनियर चौटाला से लेकर डिप्टी सीएम दुष्यंत
बंसीलाल परिवार के साथ प्रदेश के एक और मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के परिवार की भी इस गांव में कई रिश्तेदारियां हैं। जिसके चलते ये गांव हमेशा से ही चौटाला परिवार के लिए भी काफी करीबी माना जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के साथ साथ ओमप्रकाश चौटाला भी जब मुख्यमंत्री थे तो वो इस गांव में ही कई बार अपना दरबार भी लगाते थे।
उसे वो सीएम का खुला दरबार कहते थे। इस दरबार में जिले की सारी अफसरशाही मौजूद रहती थी और लोगों की समस्याएं सीएम चौटाला हाथोंहाथ अधिकारियों से करवा लेते थे। उनके अलावा उनके परिवार के सदस्य भी अक्सर इस गांव में आते रहते हैं जिनमें डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी शामिल हैं।
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