Haryana: अफगानिस्तान की छात्रा ने राज्यपाल के सामने लगाया 'जय श्रीराम' का नारा, भारत को लेकर कही ये बड़ी बात
Hisar News चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय में चांसलर-स्कॉलर इंटरेक्शन मीट कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय के समक्ष अफगानिस्तान मूल की मृदा विज्ञान की पीएचडी छात्रा खातेरा काने ने जय श्रीराम का नारा लगाया। खतेरा ने कहा कि अपने देश से वह यहां आकर पढ़ रही हैं। उनको कभी परिवार की कमी महसूस नहीं हुई।

जागरण संवाददाता, हिसार। चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय में चांसलर-स्कॉलर इंटरेक्शन मीट कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय( Governor Bandaru Dattatreya) के समक्ष अफगानिस्तान मूल की मृदा विज्ञान की पीएचडी छात्रा खातेरा काने ने जय श्रीराम का नारा लगाया।
कभी परिवार की कमी नहीं हुई महसूस-अफगानी छात्रा
खतेरा ने कहा कि अपने देश से वह यहां आकर पढ़ रही हैं। उनको कभी परिवार की कमी महसूस नहीं हुई। छात्रा ने भारत-अफगानिस्तान के रिश्ते और बेहतर होने की बात कही। इस मौके पर कुलाधिपति ने कहा कि कृषि शिक्षा केवल पढ़ाई नहीं है बल्कि समाजसेवा है। कृषि की पढ़ाई कर रहे छात्र जनसेवा के लिए विशेष योगदान देते हैं।
कृषि न केवल खेती बल्कि जीवन जीने का एक तरीका-राज्यपाल
छात्र पढ़ाई करके नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। सभी पॉजिटिव मन से आगे बढ़ें। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने की। कुलाधिपति ने कहा कि कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के आधुनिक दौर में हम सबको यह समझना चाहिए कि कृषि न केवल खेती बल्कि यह जीवन जीने का एक स्थाई तरीका है।
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विश्वविद्यालय न केवल बढ़ती जनसंख्या का भरण पोषण करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है इसके साथ ही खाद्य गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। यह बड़े हर्ष की बात है कि विश्वविद्यालय के 146 स्नातक विद्यार्थियों ने चैक गणराज्य, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूएएस, पोलैंड के विभिन्न प्रमुख संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण पूरा किया है।
राज्यपाल ने अपने बारे में बताई ये बात
राज्यपाल ने बताया कि शिक्षा के बाद उन्हें बैंक में अधिकारी के तौर पर नियुक्ति मिली लेकिन उन्होंने नौकरी की बजाय समाजसेवा को चुना। इसी की बदौलत वह आज इस मुकाम पर हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के शोधार्थियों से उनकी शोध संबंधी प्रगति को जाना व शोध करने में आने वाली समस्याओं को पूछा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शोधार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी और उनके विचार बहुत नवाचार व बहुत प्रभावी हैं। राज्यपाल ने छात्रों से समस्याएं पूछीं। छात्रों ने बताया कि तकनीक के युग में उनको आधुनिक तकनीक यदि उपलब्ध हो तो रिसर्च का काम तेजी से हो सकता है।
राज्यपाल सिवानी स्थित श्री महाराजा अग्रसेन स्कूल के वार्षिक उत्सव एवं पारितोषिक वितरण समारोह में भी शामिल हुए । उन्होंने स्कूल के इंडोर खेल स्टेडियम का उद्घाटन भी किया।
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