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    हद है! मरे हुए शख्स को जिंदा दिखाकर जमानत के लिए बनाया गवाह, एडवोकेट समेत 4 पर केस दर्ज

    By Jagran NewsEdited By: Nitish Kumar Kushwaha
    Updated: Wed, 18 Jun 2025 10:25 AM (IST)

    हिसार में एक अनोखे मामले में जमानत के लिए मृत बालीराम को जीवित दर्शाकर फर्जी दस्तावेज पेश किए गए। पुलिस ने इस मामले में वकील सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों ने मिलकर बालीराम का फर्जी आधार कार्ड और बेल बांड तैयार करवाया था जिसके आधार पर रामपाल को जमानत मिली।

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    अदालत में मरे हुए व्यक्ति को जिंदा दिखाकर जमानत करवाने पर एडवोकेट समेत चार पर केस दर्ज किया गया है।

    जागरण संवाददाता, हिसार। हरियाणा के हिसार जिले के अदालत में डाया गांव के मरे हुए बालीराम को जिंदा दिखाकर, उसके फर्जी दस्तावेज पेश कर नहर कॉलोनी निवासी रामपाल को जमानत दिलाने के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने एडवोकेट समेत चार पर केस दर्ज किया है।

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    पुलिस ने नहर कॉलोनी निवासी रामपाल, एडवोकेट धीरज, कुलेरी निवासी सोमवीर और रमेश के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। इस संबंध में एडीजे के रीडर ने सिविल लाइन थाना पुलिस में शिकायत दी।

    पुलिस को दी गई शिकायत में एडीजे के रीडर ने बताया कि नहर कॉलोनी के रहने वाले रामपाल ने लोअर कोर्ट के फैसले के विरूद्ध अपील डाली हुई थी, जिसमें रामपाल ने अपनी जमानत करवाने के लिए कुलेरी के रहने वाले अपने दोस्त सोमवीर से बात की।

    सोमवीर ने अपने साथी कुलेरी निवासी रमेश कुमार के साथ साजबाज होकर डाया गांव के बालीराम की जमाबंदी निकलाई। फिर बालीराम का फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाया और फर्जी बेल बांड देकर एडवोकेट धीरज की तरफ से फर्जी बालीराम की पहचान करवाई गई।

    उसके बाद आरोपित रामपाल की जमानत हो गई। बाद में पता चला कि डाया गांव के रहने वाले बालीराम की 14 दिसंबर 2023 को मौत हो चुकी है। उनके बेटे की तरफ से अदालत में इस संबंध में दस्तावेज पेश किए। पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।