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    कब पूरी होगी साइंटिस्ट परिवार के खात्मे की जांच!

    By JagranEdited By:
    Updated: Mon, 11 May 2020 06:58 PM (IST)

    सन फार्मा कंपनी में रिसर्च साइंटिस्ट सहित कई पदों पर कार्यरत रहे डॉ. श्रीप्रकाश सिंह के परिवार के खत्म होने की जांच 10 महीने बाद भी जारी है।

    कब पूरी होगी साइंटिस्ट परिवार के खात्मे की जांच!

    आदित्य राज, गुरुग्राम

    सन फार्मा कंपनी में रिसर्च साइंटिस्ट सहित कई जगह काम कर चुके डॉ. श्रीप्रकाश सिंह के परिवार के खात्मे की जांच 10 महीने बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। सबसे हास्यास्पद स्थिति यह है कि इतने महीनों बाद सुसाइड नोट को लेकर हैंडराइटिग एवं फिगर प्रिट की जांच भी लंबित है। इसे देखते हुए इलाके के पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) चंद्रमोहन ने निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी जाए। हत्याकांड की जांच सेक्टर-50 थाना पुलिस कर रही है।

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    मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के गांव रघुनाथपुरा निवासी डॉ. श्रीप्रकाश सिंह (55) सोहना रोड सेक्टर-49 की उप्पल साउथएंड सोसायटी के मकान नंबर 299 में कई सालों से परिवार के साथ रह रहे थे। गत वर्ष 30 जून की रात उन्होंने अपनी पत्नी डॉ. सोनू सिंह (50), बेटी अदिति (22) एवं बेटे आदित्य (14) की चाकू व हथौड़े से हत्या करने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मौके से सुसाइड नोट मिला था, जिसमें डॉ. श्रीप्रकाश सिह ने लिखा था कि वह अपने परिवार को ठीक से नहीं चला पा रहे थे।

    हालांकि यह बात किसी को नहीं हजम नहीं हुई। डॉ. श्रीप्रकाश सिह की पत्नी डॉ. सोनू सिंह गुरुग्राम के साथ ही पलवल में चार प्ले स्कूल का संचालन कर रही थीं। सामाजिक कार्यों में भी वह बढ़-चढ़कर भूमिका निभाती थीं। डॉ. श्रीप्रकाश सिह ने सबसे अधिक वार अपनी पत्नी पर किए थे। बेटी एवं बेटे को भी बेरहमी से मारा था। आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया था, यह बात अब तक किसी को समझ में नहीं आई। ऐसी स्थिति में अब जांच पूरी करने का मुख्य आधार केवल सुसाइड नोट ही रह गया है। अन्य सभी पहलुओं से जांच की जा चुकी है। कुछ भी सामने निकलकर नहीं आया। हत्याकांड से हिल गया था गुरुग्राम

    हत्याकांड से पूरा गुरुग्राम हिल गया था क्योंकि कोई सोच भी नहीं सकता था कि हंसता-खेलता परिवार इस तरह खत्म हो जाएगा। सोसायटी के लोगों से लेकर रिश्तेदार तक अवाक रह गए थे। घर के भीतर क्या चल रहा है, इसकी भनक किसी को नहीं लगी थी। सुबह जब घरेलू सहायिका काम करने के लिए पहुंची, तो हत्याकांड का पता चला था। उम्मीद थी कि इतने बड़े मामले की जांच जल्द पूरी होगी लेकिन 10 महीने बाद भी जांच लंबित ही है। सेक्टर-50 मामले की जांच जल्द से पूरी करने को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि लैब से जल्द से जल्द रिपोर्ट हासिल कर पूरी जांच रिपोर्ट सौंपे। निश्चित रूप से मामले की जांच अब तक पूरी हो जानी चाहिए थी।

    चंद्रमोहन, पुलिस उपायुक्त (पूर्वी), गुरुग्राम