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    टाउन प्ला¨नग की ऑडिट रिपोर्ट में सनसिटी प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में

    By JagranEdited By:
    Updated: Tue, 27 Feb 2018 03:00 AM (IST)

    गौरव ¨सगला, नया गुरुग्राम टाउन एंड कंट्री प्ला¨नग विभाग ने सन सिटी प्रोजेक्ट का स्वतंत्र सीए से

    टाउन प्ला¨नग की ऑडिट रिपोर्ट में सनसिटी प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में

    गौरव ¨सगला, नया गुरुग्राम

    टाउन एंड कंट्री प्ला¨नग विभाग ने सन सिटी प्रोजेक्ट का स्वतंत्र सीए से कराए गए ऑडिट की रिपोर्ट में कॉलोनाइजर पर इंट्रेस्ट फ्री मेंटिनेंस शुल्क (आइएफएमएस) से एकत्रित राशि के निजी इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कॉलोनाइजर द्वारा अलॉटी से वसूले गए आइएफएमएस का विभाग ने एक स्वतंत्र ऑडिटर से ऑडिट कराया। ऑडिटर ने टाउन प्ला¨नग को यह रिपोर्ट सौंप दी है।

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    चार्टर्ड अकाउंटेंट पीके भसीन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सनसिटी प्रोजेक्टस लिमिटेड ने अलॉटियों से लगभग 3.5 करोड़ रुपये आइएफएमएस के रूप में वसूला। नियमों के मुताबिक बिल्डर को यह पैसा एफडी में जमा कर इसके ब्याज से कॉलोनी में वैल्यू एडेड सर्विस मुहैया करानी थी, जबकि कॉलोनाइजर ने इस पैसे का निजी इस्तेमाल किया है। यहीं नहीं सनसिटी मेंटिनेंस द्वारा कॉमन एरिया मेंटीनेंस के नाम पर वसूला जा रहा शुल्क भी गलत है। हरियाणा डेवलेपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरिया अधिनियम के तहत बिल्डर को कॉलोनी विकसित कर कंप्लीशन लेने के बाद अगले 5 साल तक कॉलोनी का मुफ्त रख-रखाव कर नगर निगम को हैंडओवर करना होता है। जब तक कॉलोनी का कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लेता तब तक सभी जरूरी सुविधाएं बिल्डर की जिम्मेदारी होती हैं, जबकि बिल्डर ने दिसंबर 2016 में कंप्लीशन के लिए सिर्फ आवेदन किया है।

    रिपोर्ट की मानें तो बिल्डर कॉलोनी के सर्विस एस्टिमेट में ही कॉलोनी के रख-रखाव की लागत अलॉटियों से वसूल कर चुका है, लेकिन बिल्डर आज भी लोगों से रख-रखाव शुल्क वसूल रहा है। हालांकि, 2008 में आरडब्ल्यूए ने बिल्डर से अतिरिक्त सुविधाओं के लिए करार पर हस्ताक्षर किए थे, जोकि आरडब्ल्यूए का बिल्कुल गलत कदम था। आज लोग पैसे भी दे रहे हैं और उन्हें सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं।

    यहां भी उठ रहे सवाल:

    - कॉमन एरिया मेंटीनेंस के नाम पर वसूले गए शुल्क से खर्चो के बिलों के ठीक विभाजन का कोई ब्योरा नहीं।

    - आइएफएमएस व कॉमन एरिया मेंटीनेंस के नाम पर लिए गए पैसे का अलग-अलग कोई रिकार्ड नहीं। इन बिलों की वास्तविकता भी पर रिपोर्ट में सवाल खड़े किए गए हैं।

    - अलॉटियों से वसूला गए आइएफएमएस के फिक्स करने का भी कोई आधार नहीं है।

    सनसिटी कॉलोनी एक नजर में:

    1998 में सनसिटी को 141 एकड़ में विकसित करने का लाइसेंस मिला। लगभग 25 एकड़ में ग्रुप हाउ¨सग सोसायटी है। कुल 7 ब्लॉकों में 904 प्लॉट और 1200 हाउसहोल्ड हैं।

    सनसिटी प्रोजेक्टस का स्वतंत्र सीए से ऑडिट कराया गया है, रिपोर्ट पर स्टडी चल रही है। जो भी दोषी होगी, उस पर अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी।

    - टीएल सत्यप्रकाश, महानिदेशक, टाउन एंड कंट्री प्ला¨नग