गुरुग्राम के राजीव चौक को लगेंगे 'चार चांद', 45 लाख रुपये से बदलेगी तस्वीर; 80 तिरंगा लाइटें लगाने का लक्ष्य
गुरुग्राम के राजीव चौक पर 45 लाख रुपये की लागत से 80 तिरंगा लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे यह चौराहा आकर्षक रोशनी से जगमगा उठेगा।

राजीव चौक पर लगेंगी 80 तिरंगा लाइटें। (AI-Image)
HighLights
राजीव चौक पर 80 तिरंगा लाइटें लगाने की योजना।
45 लाख रुपये की लागत से 15 दिन में पूरा होगा काम।
लाइटों के पोल में ही होगी तीन रंगों की रोशनी व्यवस्था।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। शहर के मुख्य चौराहों में शामिल राजीव चौक को तिरंगे के रंगों से रोशन किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से यहां 80 विशेष लाइटें लगाई जाएंगी।
इन लाइटों की खासियत यह होगी कि इनके पोल के अंदर ही तिरंगे के तीनों रंगों की रोशनी की व्यवस्था होगी। इससे रात के समय राजीव चौक पर आकर्षक नजारा दिखाई देगा। इस परियोजना पर नगर निगम की ओर से करीब 45 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
नगर निगम की इलेक्ट्रिकल विंग की ओर से इस कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कार्य एजेंसी को आवंटित भी कर दिया गया है। अब जल्द ही मौके पर काम शुरू किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, कार्य शुरू होने के बाद लगभग 15 दिन में सभी 80 लाइटें लगाने का लक्ष्य रखा गया है। लाइटों को इस तरह लगाया जाएगा कि चौराहे के आसपास पर्याप्त रोशनी के साथ तिरंगे के रंगों का प्रभाव भी नजर आए।
इन लाइटों में अलग से तिरंगे के रंगों की सजावट नहीं करनी होगी, बल्कि पोल के अंदर ही विशेष व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से केसरिया, सफेद और हरे रंग की रोशनी दिखाई देगी। इससे राजीव चौक की सुंदरता बढ़ने के साथ चौराहे को एक अलग पहचान मिलेगी। परियोजना का उद्देश्य शहर के मुख्य चौराहों को बेहतर रोशनी और आकर्षक स्वरूप देना है।
तीन साल तक एजेंसी की रहेगी जिम्मेदारी
नगर निगम की ओर से इस कार्य में गुणवत्ता और रखरखाव को भी ध्यान में रखा गया है। इसके तहत एजेंसी की तीन साल की डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) रहेगी। इस अवधि में लाइटों में किसी तरह की तकनीकी खराबी या निर्माण संबंधी समस्या आने पर एजेंसी को उसे ठीक करना होगा।
नगर निगम की इलेक्ट्रिकल विंग के एसडीओ आशीष हुड्डा ने बताया कि राजीव चौक पर 80 तिरंगा लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए करीब 45 लाख रुपये का टेंडर आवंटित किया जा चुका है। अगले 15 दिन में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले भी लगी थी तिरंगा लाइटें, पांच करोड़ का नुकसान
पांच करोड़ रुपये की लागत से लगभग तीन साल पहले सड़कों पर स्ट्रीट लाइटों के खंभों पर तिरंगा लाइटें लगाई गई थी। कुछ दिन तक लाइटें रोशन होने के बाद यह लाइटें बंद हो गई थी।
खास बात यह है कि ज्यादातर लाइटें एजेंसियों द्वारा रखरखाव नहीं करने के कारण खराब हुई थी। लेकिन निगम अधिकारियों ने इन एजेंसियों से लाइटें चालू नहीं करवाई और न कोई सख्त कार्रवाई की।
नियमानुसार तीन साल की दोष दायित्व अवधि (डीएलपी) में इन एजेंसियों को लाइटों का रखरखाव करना था। जहां लाइटें खराब हैं, उनको बदलकर चालू करने की जिम्मेदारी थी। इसके बावजूद एजेंसियों ने कोई काम नहीं किया और सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया। उम्मीद है कि इस बार नगर निगम के अधिकारी लाइटाें के रखरखाव में इस बात का ध्यान रखेंगे।
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