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    गुरुग्राम के एक गांव में मिली 400 साल पुरानी तीन मूर्तियां, अब पुरातत्व विभाग और कराएगा खोदाई

    Updated: Mon, 22 Apr 2024 08:29 PM (IST)

    मानेसर के गांव बाघनकी में एक प्लॉट में निर्माण के लिए खोदाई के दौरान तीन प्राचीन मूर्तियां मिली हैं। ये मूर्ति भगवान विष्णु भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी बैठे हुए अवस्था में और तीसरी माता लक्ष्मी की हैं। फिलहाल तीनों मूर्तियों को पुरातत्व विभाग चंडीगढ़ के हवाले कर दिया गया है। पुरातत्व अधिकारियों के दावे के अनुसार शुरुआत में देखने पर यह मूर्तियां करीब 400 साल पुरानी लग रही हैं।

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    गुरुग्राम के एक गांव में मिली 400 साल पुरानी तीन मूर्तियां।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। मानेसर के गांव बाघनकी में एक प्लॉट में निर्माण के लिए खोदाई के दौरान तीन प्राचीन मूर्तियां मिली हैं। ये मूर्ति भगवान विष्णु, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी बैठे हुए अवस्था में और तीसरी माता लक्ष्मी की हैं।

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    फिलहाल तीनों मूर्तियों को पुरातत्व विभाग चंडीगढ़ के हवाले कर दिया गया है। पुरातत्व अधिकारियों के दावे के अनुसार, शुरुआत में देखने पर यह मूर्तियां करीब 400 साल पुरानी लग रही हैं।

    अमूल्य है कीमत

    तीनों मूर्तियां कांस्य धातु की हैं और कीमत के तौर पर यह अमूल्य बताई जा रही हैं। मूर्तियां निकलने के बाद गांव में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। प्लॉट में मंदिर निर्माण की आवाज बुलंद हो रही है। 

    खोदाई के दौरान मिली मूर्तियां

    जानकारी के अनुसार, गांव बाघनकी निवासी एक व्यक्ति अपने प्लॉट में निर्माण के लिए बुलडोजर से खोदाई करा रहा था। खोदाई के दौरान श्रमिकों को यह मूर्तियां मिलीं। बताया जा रहा है कि शुरुआत में प्लॉट मालिक ने पीला पंजे चालक को इन मूर्तियों के संबंध में किसी को जानकारी न देने के लिए पैसे का लालच दिया।

    पुरातत्व विभाग को किया सूचित

    मूर्तियां अपने घर में ही स्थापित करना चाहता था। एक दो दिन बात दबी रही, लेकिन जब चालक को पैसे नहीं मिले तो उन्होंने बिलासपुर थाने को इस घटना की जानकारी दे दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मूर्तियों को अपने कब्जे में ले लिया। आगे पुरातत्व विभाग को इस संबंध में सूचित कर दिया।

    सोमवार को पुरातत्व विभाग की उपनिदेशक बनानी भट्टाचार्य और डॉ. कुश ढेबर थाना पहुंचे। आधिकारिक रूप से तीनों मूर्तियों को उन्हें सौंप दिया गया। ग्रामीणों ने इन मूर्तियों को गांव को ही सौंपने का आग्रह किया था।

    गांव की धरोहर हैं मूर्तियां

    ग्रामीणों का मानना है कि यह मूर्तियां उनके गांव की धरोहर हैं। जिस जगह से मूर्तियां मिली हैं उस जगह मंदिर का निर्माण करना चाहते हैं, ताकि वहां मूर्तियां स्थापित की जा सकें। पुलिस ने ग्रामीणों को मूर्तियां देने से इनकार कर दिया।

    पुलिस ने कहा कि भूमि में खोदाई के दौरान निकलने वाली वस्तु भारत सरकार की संपत्ति है। ऐसे में मूर्तियों पर पुरातत्व विभाग का अधिकार है। ग्रामीणों ने प्लॉट पर और खोदाई कराने की मांग की है।

    इस पर पुरातत्व विभाग की उपनिदेशक ने प्रशासन की निगरानी में खोदाई करने के लिए कहा है। उपनिदेशक बनानी भट्टाचार्य का कहना है कि इन मूर्तियों को कब्जे में लिया गया है। अब इन्हें विभाग के संग्रहालय में रखा जाएगा। पहली नजर में यह 400 साल पुरानी लग रही है।