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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नकली ईडी अधिकारी बनकर करता था लाखों की ठगी, जब असली ED से पड़ा पाला; फिर जो हुआ

Published: Thu, 06 Mar 2025 07:27 PM (IST)

नकली ईडी अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले रविराज को असली ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुग्राम कोर्ट ने ...और पढ़ें

Gurugram News: नकली ईडी अधिकारी का पर्दाफाश, असली ईडी ने किया गिरफ्तार। फोटो जागरण
Gurugram News: नकली ईडी अधिकारी का पर्दाफाश, असली ईडी ने किया गिरफ्तार। फोटो जागरण

HighLights

  1. ईडी अधिकारी बनकर उगाही करने वाले ठग को ईडी ने किया गिरफ्तार।
  2. आरोपित रविराज ने बिल्डरों समेत कई लोगों से की धोखाधड़ी, 22 फरवरी को गुरुग्राम पुलिस ने पकड़ा था।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी बनकर एनसीआर में बिल्डरों समेत अन्य लोगों से ठगी करने वाले आरोपित रविराज को अब ईडी ने गिरफ्तार किया है। गुरुवार को गुरुग्राम कोर्ट में पेश किया गया।

जहां से इसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। गुरुग्राम निवासी बिल्डर से धोखाधड़ी के एक मामले में 22 फरवरी को गुरुग्राम पुलिस (Gurugram Police) ने इसे बिहार के नालंदा से पकड़ा था।

ठगी करने के आरोप में रविराज कुमार अरेस्ट

आरोपित रविराज नालंदा के सैदपुर गांव का रहने वाला है। गुरुग्राम पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर 14 दिन की जेल भेजा था। ईडी ने इसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड पर लिया। ईडी के अनुसार, जालसाजी, धोखाधड़ी और खुद को ईडी का अधिकारी बताकर ठगी करने के आरोप में रविराज कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

उसे पीएमएलए गुरुग्राम के सामने पेश किया गया। अदालत ने उसे पांच दिनों की रिमांड पर ईडी को सौंप दिया। ईडी ने रविराज कुमार सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ गुरुग्राम के सेक्टर 10 थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी।

कई लोगों को ठगने की कोशिश की

जांच में सामने आया कि रविराज ने ईडी का डायरेक्टर बताकर बिल्डर को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर 25 लाख रुपये पैसे वसूले थे। ईडी ने विभिन्न व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए। यह भी पता चला कि आरोपित ने दूसरे लोगों को भी ठगने की कोशिश की है।

ईडी ने मामले में कई दस्तावेज वाट्सएस चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और बैंक स्टेटमेंट आदि भी एकत्रित किए हैं। पूछताछ में पता चला कि रविराज ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए कई सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया था। सूत्रों के अनुसार उसके बैंक खाते से 80 लाख रुपये मिले हैं।

 25 लाख दिलवाने के एवज में लिए थे चार लाख रुपये

गुरुग्राम के सेक्टर 10 निवासी बिल्डर सिद्धार्थ चौहान ने सेक्टर 10 थाने में 21 नवंबर 2024 को धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। बताया था कि पीके डेकोरेटर कंपनी के मालिक ने किसी व्यक्ति के माध्यम से उनसे रुपये की धोखाधड़ी की। जिसने रुपये मांगे, उसने अपने आप को ईडी का डायरेक्टर बताया और डरा-धमकाकर 25 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।

जांच करते हुए गुरुग्राम पुलिस ने 22 फरवरी को आरोपित रविराज कुमार को नालंदा के सैदपुर से गिरफ्तार किया था। आरोपित रविराज ईडी का डायरेक्टर बनकर बात करता था। ईडी द्वारा केस में फंसाने का डर दिखाकर उसने 25 लाख रुपये ले लिए। आरोपित को कमीशन के बदले चार लाख रुपये मिले थे।

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