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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुरुग्राम के इन 10 सेक्टरों में अब बारिश से नहीं भरेगा पानी, GMDA बना रहा है मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन

Published: Mon, 28 Jul 2025 05:33 PM (IST)

गुरुग्राम के दस सेक्टरों में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए जीएमडीए ने जल निकासी नेटवर्क बिछाने का ...और पढ़ें

आरसीसी बाॅक्स टाइप मास्टर स्टार्म वाटर ड्रेन का निर्माण किया जा रहा। फोटो: जागरण
आरसीसी बाॅक्स टाइप मास्टर स्टार्म वाटर ड्रेन का निर्माण किया जा रहा। फोटो: जागरण

HighLights

  1. दस सेक्टरों में जलभराव से मिलेगी राहत
  2. जल निकासी नेटवर्क का निर्माण कार्य जारी
  3. अगस्त 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। नए गुरुग्राम के दस सेक्टरों में जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) गुरुग्राम के सेक्टर 68-75 और सेक्टर 112-115 में एक व्यापक जल निकासी नेटवर्क बिछाने का कार्य कर रहा है।

इस परियोजना के अंतर्गत सेक्टर 68–75 और 112–115 में जीएमडीए के इंफ्रा टू डिविजन की ओर से आरसीसी बाॅक्स टाइप मास्टर स्टार्म वाटर ड्रेन का निर्माण किया जा रहा है।

इन सेक्टरों में मजबूत जल निकासी प्रणाली विकसित करने से न केवल लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का समाधान होगा, बल्कि नियोजित शहरी विकास को भी गति मिलेगी और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

सेक्टर 68 से 75 में जल निकासी नेटवर्क को बढ़ाने के लिए 17.63 किमी लंबाई में मास्टर स्टार्म वाटर ड्रेन बिछाने का काम करने की योजना है।

जिसमें विभिन्न आकारों के आरसीसी बाॅक्स टाइप ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। इन बरसाती नालों के पानी के निर्वहन का निपटान आगामी एसपीआर के साथ वाटिका चौक से एनएच 48 तक मास्टर स्टार्म वाटर ड्रेन में और लेग-तीन बादशाहपुर नाले में किया जाएगा।

क्षेत्रों में सेक्टर 68, 69, 70, 70ए, 71, 72,75, 75ए, 71, 73 और 74 शामिल हैं। सेक्टर 68-75 में वर्षा जल निकासी की व्यवस्था करने की परियोजना 51 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित की जाएगी और अगस्त 2026 तक पूरी हो जाएगी।

पंपिंग स्टेशन का भी निर्माण होगा

सेक्टर 112-115 में लगभग 7.5 किमी लंबाई में विभिन्न आकार के मास्टर आरसीसी बाॅक्स टाइप ड्रेन का निर्माण किया जाएगा और कुल ड्रेनेज सिस्टम को मास्टर लेग-एक ड्रेन से जोड़ने का प्रस्ताव है, जो इन क्षेत्रों में मौजूद है।

इसके अतिरिक्त, भारी मानसून के दौरान मुख्य ड्रेन के किसी भी ओवरफ्लो को रोकने के लिए सेक्टर 115 में लेग -I ड्रेन के पास एक पंपिंग स्टेशन का भी निर्माण किया जाएगा।

इस पंपिंग प्रणाली को भारी मानसून अवधि के दौरान उपयोग किया जाएगा ताकि लेग-1 और प्रस्तावित नए ड्रेन के बैक फ्लो के किसी भी संभावना से बचा जा सके।

सेक्टर 112-115 में वर्षा जल निकासी की व्यवस्था के लिए 32.80 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना मई 2026 तक पूरी हो जाएगी।

बादशाहपुर ड्रेन पर लोड कम होगा

इसके अतिरिक्त, जीएमडीए द्वारा सेक्टर 69, 70, 75 और 75ए के साथ वाटिका चौक से एनएच 8 तक लगभग 5.2 किलोमीटर लंबी ड्रेन बिछाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।

पूरा होने पर यह ड्रेन गुरुग्राम शहर के लेग-चार ड्रेन के रूप में कार्य करेगा और भारी मानसून के दौरान बादशाहपुर ड्रेन (लेग-तीन) पर बोझ को भी कम करेगा।

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