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बेंगलुरू से दिल्ली में चंदन की लकड़ी की तस्करी, कैंटर में भरकर लाई गई; कीमत जान उड़ जाएंगे होश

बेंगलुरू से दिल्ली में तस्करी के लिए कैंटर में भरकर लाई जा रही 4200 किलो चंदन की लकड़ी सिकंदरपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ ली। टीम ने मुखबिर की सूचना पर रविवार रात करीब एक बजे मानेसर घाटी में नाकेबंदी कर कैंटर को पकड़ा। पुलिस को देखकर कैंटर चालक थोड़ी दूर पहले ही रोककर घाटी के रास्ते फरार हो गया।

By Vinay Trivedi Edited By: Geetarjun Published: Tue, 11 Jun 2024 12:04 AM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 12:04 AM (IST)
बेंगलुरू से दिल्ली में चंदन की लकड़ी की तस्करी।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। बेंगलुरू से दिल्ली में तस्करी के लिए कैंटर में भरकर लाई जा रही 4200 किलो चंदन की लकड़ी सिकंदरपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ ली। टीम ने मुखबिर की सूचना पर रविवार रात करीब एक बजे मानेसर घाटी में नाकेबंदी कर कैंटर को पकड़ा। पुलिस को देखकर कैंटर चालक थोड़ी दूर पहले ही रोककर घाटी के रास्ते फरार हो गया। पुलिस ने चालक की पहचान नूंह के उटावड़ निवासी आमिर के रूप में की है। उसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी जारी है।

सिकंदरपुर क्राइम ब्रांच ने बताया कि रविवार रात उन्हें सूचना मिली कि चंदन की लकड़ी से लदा कर्नाटक के नंबर का एक कैंटर केएमपी से होते हुए जयपुर-दिल्ली हाईवे से दिल्ली की तरफ जाएगा। इसके बाद टीम ने मानेसर घाटी में शनिदेव मंदिर के पास दिल्ली जाने वाले मार्ग पर नाकेबंदी कर दी।

वन विभाग के रेंज अधिकारी कर्मवीर को भी इसकी सूचना दी गई। रात करीब एक बजे कैंटर आता दिखाई दिया। जब उसे रुकने का इशारा किया गया तो चालक थोड़ी दूर पहले ही कैंटर से नीचे उतरकर मानेसर पहाड़ी की घाटी में अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। काफी तलाश के बाद भी वह हाथ नहीं आ सका।

कैंटर की तलाशी लेने पर इसमें 90 कार्टून बॉक्स व 125 चंदन की लकड़ी पाई गईं। कांटे पर जब इनका वजन किया गया तो 4200 किलो मिला। जांच में पता चला कि यह कैंटर बैंगलुरू की एक लॉजिस्टिक कंपनी का था।

इसमें कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली मशीने दिल्ली के लिए भेजी गई थीं। कार्टून बाक्स के बीच में ही चंदन की लकड़ियां छिपाकर रखी गई थीं। सिकंदरपुर क्राइम ब्रांच ने मानेसर थाने में संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराकर जांच शुरू कर दी है।


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