गुरुग्राम [प्रियंका दूबे]। तकनीक ने जहां प्रगति की राहें प्रशस्त की हैं वहीं उसके दुष्परिणाम भी गाहे बगाहे सुनने को मिल जाते हैं। साधारण छेड़छाड़ से लेकर साइबर क्राइम की घटनाएं इसका उदाहरण हैं। शनिवार सुबह से कई सोशल मीडिया मंचों पर एक स्कूल के लोगो वाला मास्क खूब शेयर हो रहा था।

400 रुपये बताया जा रहा दाम

लोग स्कूल को कोसते हुए इस चार सौ रुपए मूल्य के मास्क को लेकर अपनी भड़ास निकाल रहे थे। जब स्कूल से इसकी सत्यता जांची गई तो पता चला कि स्कूल ने इस तरह के मार्क वाला कोई मास्क न तो बनवाया है और न ही ऐसी कोई योजना है।

स्‍कूल ने वायरल मैसेज पर लिया संज्ञान

दरअसल, यह मास्क डीपीएस के लोगो के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऐसे में डीपीएस की सभी शाखाओं ने इसका संज्ञान लेते हुए अभिभावकों को संदेश भिजवाए कि यह उनके स्कूलों से कोई संबंध नहीं रखता। अन्य लोगों ने भी बाद में इसे लेकर सोशल मीडिया पर लिखा कि यह मास्क फोटो शॉप द्वारा तैयार किया गया है। इस बारे में डीपीएस के स्कूल प्रबंधन ने कहा कि उन्होंने इस तरह के किसी मास्क का निर्माण नहीं करवाया है।

डीपीएस ने दी पुलिस में शिकायत

दिल्ली पब्लिक स्कूूल सेक्टर 45 की निदेशक प्राचार्य अदिति मिश्रा ने इसे दूषित मानसिकता का नतीजा बताते हुए कहा कि निश्चित रूप से किसी भी डीपीएस से इसका संबंध नहीं है। इस सिलसिले में उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच रखने वालों पर दुख होता है।

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Edited By: Prateek Kumar