समय से पहले NHAI का प्रोजेक्ट तैयार करने का दावा गुरुग्राम में फेल, कब तक पूरा होगा काम; नहीं ठोस जवाब
एक्सप्रेस-वे का गुरुग्राम भाग गत वर्ष दिसंबर में ही चालू होना था लेकिन कब तक चालू होगा इसका अंदाजा नहीं। पहले अधिकारी कहते थे जल्द चालू होगा। अब कहते हैं कि कुछ काम बाकी है जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास होगा। कब तक काम पूरा होगा इसका ठोस जवाब किसी के पास नहीं। एनएचएआइ का दावा खोखला साबित हो रहा है।
आदित्य राज, गुरुग्राम। समय से पहले प्रोजेक्ट पूरा करने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण काम करने को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) का दावा द्वारका एक्सप्रेव-वे के मामले में पूरी तरह खोखला साबित हो गया।
एक्सप्रेस-वे का गुरुग्राम भाग गत वर्ष दिसंबर में ही चालू होना था, लेकिन कब तक चालू होगा, इसका अंदाजा नहीं। पहले अधिकारी कहते थे जल्द चालू होगा। अब कहते हैं कि कुछ काम बाकी है, जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास होगा। कब तक काम पूरा होगा, इसका ठोस जवाब किसी के पास नहीं।
एनएचएआइ के चेयरमैन संतोष यादव के दौरे से लोगों को लगा था कि वह किस दिन से एक्सप्रेस-वे का गुरुग्राम भाग चालू होगा, इस बारे में घोषणा करके जाएंगे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। पहली बार किसी प्रोजेक्ट को लेकर एनएचएआइ की कार्यशैली से लाखों लोग निराश हैं।
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे पर से ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए खेड़कीदौला टोल प्लाजा के नजदीक से लेकर दिल्ली के महिपालपुर में शिवमूर्ति के नजदीक तक लगभग नौ हजार करोड़ रुपये की लागत से द्वारका एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है।
निर्माण तेजी से हो और गुणवत्तापूर्ण हो, इसे ध्यान में एनएचएआइ ने प्रोजेक्ट को दो भागों में बांटकर देश की दो दिग्गज निर्माण कंपनी को जिम्मेदारी सौंप रखी है। एक्सप्रेस-वे का 18.9 किलोमीटर भाग हरियाणा में यानी गुरुग्राम में जबकि बाकी 10.1 किलोमीटर भाग दिल्ली इलाके में पड़ता है।
23 किलोमीटर भाग एलिवेटेड जबकि लगभग चार किलोमीटर भूमिगत (टनल) बनाया जा रहा है। हरियाणा इलाके में निर्माण की जिम्मेदारी एलएंडटी नामक कंपनी के पास है जबकि दिल्ली इलाके में निर्माण की जिम्मेदारी जय कुमार इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड नामक कंपनी के पास है। दोनों कंपनियों से समय पर प्रोजेक्ट पूरा कराने में एनएचएआइ पूरी तरह फेल हाे चुका है।
गुणवत्ता से समझौता के साथ लापरवाही का भी मामला
पिछले महीने 15 जून को दिल्ली के महिपालपुर में बनाए जा रहे फ्लाईओवर का एक स्पैन गिर गया। इससे काम प्रभावित है। जांच जारी है। शुरुआती जांच के मुताबिक जैक लगाने में लापरवाही बरतने की वजह से हादसा हुआ।
कहीं गुणवत्ता के साथ भी समझौता ताे नहीं किया जा रहा था, यह बात जांच रिपोर्ट से सामने आएगी। दिल्ली इलाके जैसा ही हादसा गुरुग्राम इलाके में 28 मार्च 2021 को हो चुका है। इस वजह से कई महीने काम बंद रहे। नतीजा लाखों लोग भुगत रहे हैं।
लाखों लोगों को होगा सीधा लाभ
द्वारका एक्सप्रेस-वे के चालू होने से लाखों लोगों को सीधा लाभ होगा। 30 से अधिक सेक्टर आसपास विकसित हो चुके हैं।20 से अधिक कालोनियां भी बसी हैं। 10 से अधिक गांव एक्सप्रेस-वे के नजदीक हैं।
एसपीआर, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे और द्वारका एक्सप्रेस-वे को आपस में जोड़ने के लिए खेड़कीदौला टोल प्लाजा के नजदीक फुल क्लोवरलीफ फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है। एसपीआर गांव घाटा के नजदीक गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जुड़ा है।
फुल क्लोवरलीफ फ्लाईओवर पूरी तरह तैयार है, लेकिन द्वारका एक्सप्रेस-वे के गुरुग्राम भाग के तैयार न होने की वजह से इसे भी चालू नहीं किया जा रहा है। यूनाइटेड एसोसिएशन आफ न्यू गुरुगब्राम के अध्यक्ष प्रवीण मलिक का कहना है कि खेड़कीदौला टोल प्लाजा से वसूली कम न हो जाए, इसके लिए फुल क्लोवरलीफ फ्लाईओवर व द्वारका एक्सप्रेस-वे के गुरुग्राम भाग को चालू नहीं किया रहा है।
एक्सप्रेस-वे को चालू किया जा सकता है। एनएचएआइ को टोल वसूली की चिंता है, लोगोें की परेशानी की नहीं। इस बारे में एनएचएआइ के अधिकारी का कहना है कि बसई से आगे कारपेंटिंग का कुछ काम रह गया है। कुछ और कार्य है। काम पूरा होते ही चालू किया जाएगा।
द्वारका एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार की सीधी नजर है। इसके बाद भी समय पर प्रोजेक्ट पूरा न होना चिंता का विषय है। दो बड़े हादसे भी हो गए। जब तक निर्माण कंपनियां अनुभवी इंजीनियरों को काम पर नहीं रखेंगी, तब तक निर्माण में कमी की शिकायत सामने आती रहेगी। अनुभवी इंजीनियरों को काम पर रखें, समय पर प्रोजेक्ट पूरा होगा। हादसा होने के बाद काम की गति काफी प्रभावित हो जाती है।
-जेएस सुहाग, पूर्व सलाहकार (तकनीकी), एनएचएआइ
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