ICICI असिस्टेंट मैनेजर चोरी से चुराता था डेटा, 250 ग्राहकों के साथ किया खिलवाड़; पुलिस ने दबोचा
गुरुग्राम में आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग से डेटा लीक होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पुणे में कार्यरत सहायक प्रबंधक वेदप्रकाश को गिरफ्तार किया है जिस पर ग्राहकों का डेटा बेचने का आरोप है। जांच में पता चला कि उसने अब तक 250 ग्राहकों का डेटा बेचा है। इस मामले में पहले भी दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। न्यू गुरुग्राम में रहने वाले एक युवक ने जनवरी 2025 में आईसीआईसीआई बैंक से क्रेडिट कार्ड बनवाया था। इसके बाद उसे क्रेडिट कार्ड व अन्य बैंकिंग सुविधाओं के लिए कई बैंकों व कॉल सेंटरों से कॉल आने लगे। उसने इस संबंध में साइबर थाना ईस्ट में मामला दर्ज कराया।
जांच में पता चला कि उसके समेत सैकड़ों ग्राहकों का डेटा आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग से बेचा गया था। गुरुवार को पुलिस ने बैंक की पुणे स्थित मुख्य शाखा में कार्यरत क्रेडिट कार्ड विभाग के सहायक प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।
एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मूल रूप से उत्तराखंड के झुमरी तलैया निवासी वेदप्रकाश के रूप में हुई है। उसने एमबीए की पढ़ाई की है। युवक ने डेटा लीक के मामले में 13 जनवरी को साइबर थाना ईस्ट में मामला दर्ज कराया था।
गुरुग्राम साइबर पुलिस जांच में जुटी थी। सबसे पहले इस मामले में पुणे में कॉल सेंटर चलाने वाले शरद नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। उसने उन लोगों के बारे में जानकारी दी थी जो उसे क्रेडिट कार्ड का डेटा देते थे। इसके बाद इसी मामले में एचडीएफसी बैंक में काम करने वाले सौरभ द्विवेदी को पकड़ा गया।
उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने कुछ दिन पहले वेदप्रकाश से पूछताछ की थी। उसे गुरुवार को गुरुग्राम लाया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पुणे स्थित आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य शाखा में सहायक प्रबंधक (क्रेडिट कार्ड) के पद पर काम करता है।
वह पिछले तीन साल से इसी बैंक में काम कर रहा है। सौरभ द्विवेदी और ये दोनों दोस्त हैं। इनके बीच ग्राहकों की जानकारी का आदान-प्रदान होता था। इसके बाद दोनों मिलकर ग्राहकों का डाटा कॉल सेंटरों को बेच देते थे। अब तक वेदप्रकाश ने कुल 250 ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड का डाटा बेचने की जानकारी दी है।
एसीपी ने बताया कि फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसके बैंक खातों की जांच की जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि वह कितने रुपये में डाटा बेचता था। इस संबंध में बैंक मुख्यालय से भी पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो साल में विभिन्न मामलों की जांच के दौरान अब तक 39 बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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