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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana Election 2024: चुनाव में बेहिसाब खर्च पर लिमिट तय? प्रत्याशियों ने ज्यादा उड़ाया रोकड़ा तो चलेगा आयोग का चाबुक

Published: Sat, 07 Sep 2024 06:37 PM (GMT+05:30)

Haryana Vidhan Sabha Chunav 2024 हरियाणा में अगले महीने विधानसभा चुनाव हैं। इस दौरान प्रत्याशी मतदाताओं को अपनी ओर लुभाने ...और पढ़ें

चुनाव में बेहिसाब खर्च पर लिमिट तय? प्रत्याशियों ने ज्यादा उड़ाया रोकड़ा तो चलेगा आयोग का चाबुक
चुनाव में बेहिसाब खर्च पर लिमिट तय? प्रत्याशियों ने ज्यादा उड़ाया रोकड़ा तो चलेगा आयोग का चाबुक

HighLights

  1. 40 लाख रुपये से ज्यादा खर्च नहीं कर पाएंगे उम्मीदवार।
  2. चुनाव व्यय पर्यवेक्षकों ने ली टीम इंचार्ज की बैठक।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। विधानसभा चुनाव के दौरान उम्मीदवारों द्वारा किए जा रहे खर्चों का पूरा रिकॉर्ड रखें और निष्पक्षता से कार्य करें। एक उम्मीदवार का चुनाव व्यय 40 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।

गुड़गांव एवं सोहना विधानसभा क्षेत्र के चुनाव व्यय पर्यवेक्षक कुंदन यादव व पटौदी एवं बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र के व्यय पर्यवेक्षक श्रवण कुमार बंसल ने एफएसटी, वीएसटी और एसएसटी टीम इंचार्ज को यह निर्देश दिए।

बॉर्डर इलाकों में रखें निगरानी

स्थानीय संसाधन भवन में हुई एक बैठक में दोनों चुनाव व्यय पर्यवेक्षकों ने कहा कि चुनाव में किसी भी पार्टी या उम्मीदवार के साथ भेदभाव न करें।

व्यय पर्यवेक्षक कुंदन यादव व श्रवण कुमार बंसल ने कहा कि एफएसटी, एसएसटी, वीएसटी व अन्य टीमें सक्रियता के साथ ड्यूटी करें। जिला के साथ लगती पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि अवैध रूप से ले जा रहे सामान को जब्त किया जा सके।

टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत

चुनाव व्यय पर्यवेक्षक ने निर्देश देते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा टोल फ्री नंबर 1950 जारी किया हुआ है, जिस पर आमजन जिला में चुनावी प्रक्रिया से संबंधित शिकायत कर सकते हैं और अपने बूथ या चुनाव के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बल्क एसएमएस भी चुनाव खर्च में होंगे शामिल

दोनों व्यय पर्यवेक्षकों ने मीटिंग में बताया कि कोई भी उम्मीदवार जब अपना नामांकन-पत्र दाखिल कर देता है, उसके बाद उसके चुनाव खर्च का लेखा-जोखा शुरू हो जाता है। नोमिनेशन के बाद किसी उम्मीदवार ने मोबाइल फोन पर आईवीआरएफ कॉल या बल्क एसएमएस वोटर्स को भेजने शुरू किए तो उन्हें भी चुनाव खर्च में शामिल किया जाएगा।

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