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    Delhi-Mumbai Expressway: गुरुग्राम के अलीपुर गांव से रखी जाएगी एक्सप्रेस-वे पर नजर, मुंबई तक की होगी निगरानी

    By Aditya RajEdited By: Geetarjun
    Updated: Sun, 12 Feb 2023 05:18 PM (IST)

    दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे (डीवीएम एक्सप्रेस-वे) पर नजर रखने के लिए गांव अलीपुर में बनाए जा रहे कंट्रोल रूम का केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने निरीक्षण किया। कंट्रोल रूम से मुंबई तक की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

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    गुरुग्राम के अलीपुर गांव से रखी जाएगी मुंबई तक एक्सप्रेस-वे की नजर, गडकरी ने ली जानकारी

    गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। Delhi-Vadodara-Mumbai Expressway। दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे (डीवीएम एक्सप्रेस-वे) पर नजर रखने के लिए गांव अलीपुर में बनाए जा रहे कंट्रोल रूम का केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने निरीक्षण किया। उन्होंने कंट्रोल रूम के बारे में किस तरह मुंबई तक की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, इस बारे में बारीकी से जानकारी हासिल की। साथ ही अधिकारियों से सवाल-जवाब भी किए।

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    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई तक DVM Expressway विकसित किया जा रहा है। इसकी कुल लंबाई 1386 किलोमीटर होगी। इस पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक्सप्रेस-वे की शुरुआत गांव अलीपुर से हो रही है। इसे ध्यान में रखकर गांव अलीपुर में ही कंट्रोल रूम विकसित किया जा रहा है। यहीं से मुंबई तक की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

    कंट्रोल रूम तक जानकारी पहुंचाने के लिए कई जगह एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) विकसित किए जा रहे हैं। गांव अलीपुर में यह विकसित किया जा चुका है। सिस्टम विकसित करने की जिम्मेदारी औरिगा आइटी साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है।

    निरीक्षण के दौरान कंपनी के अधिकारियों के साथ ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक (सोहना) मुदित गर्ग ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बताया कि एक किलोमीटर के अंतराल पर कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनका रेंज 500 मीटर का होगा। इससे कहीं भी जाम लगने की, दुर्घटना होने की या वाहनों की रफ्तार बढ़ने की सूचना कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगी।

    जाम लगने या दुर्घटना होने पर पेट्रोलिंग में तैनात कर्मचारियों के पास सूचना पहुंचेगी। उन्हें वाकी टाकी जैसा सिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि नेटवर्क न मिलने जैसी परेशानी न रहे। कैमरे ऐसे लगाए गए हैं कि वे रात में भी नंबर प्लेट को रीड कर लेंगे। एक्सप्रेस-वे के चारों तरफ कहीं भी कुछ होगा, सूचना कंट्रोल में पहुंच जाएगी।

    हिलालपुर टोल प्लाजा का भी किया निरीक्षण

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित सभी नेता गांव अलीपुर से एक्सप्रेस-वे का अवलोकन करते हुए गांव हिलालपुर में बनाए गए टोल प्लाजा तक पहुंचे। वहां पर अधिकारियों से टोल प्लाजा के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की।

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक (सोहना) मुदित गर्ग का कहना है कि एक्सप्रेस-वे के पूरे रूट पर केवल दो ही टोल प्लाजा होंगे। दिल्ली की तरफ से हिलालपुर में टोल प्लाजा बनाया जा चुका है। दूसरा टोल प्लाजा मुंबई के नजदीक बनाया जाएगा। बाकी जितने भी एंट्री और एक्जिट प्वाइंट हैं, वहां पर टोल जमा करने की सुविधा होगी।

    कार से साढ़े तीन घंटे में पहुंच जाएंगे जयपुर

    फिलहाल गुरुग्राम से जयपुर जाने में पांच घंटे लग जाते हैं। अब केवल साढ़े तीन घंटे लगेंगे। यही नहीं आने वाले समय में तीन घंटे ही लगेंगे। इसके लिए जयपुर रिंग रोड को एक्सप्रेस-वे से कनेक्ट किया जा रहा है। अलीपुर से दौसा भाग के चालू होने का लाभ दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, अलवर, दौसा जिले के लोगों को विशेष रूप से मिलेगा।

    पूरा प्रोजेक्ट तैयार होने पर दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र तथा दादरा और नगर हवेली के मिलेगा। फिलहाल दिल्ली से मुंबई कार से पहुंचने में 24 घंटे से अधिक का समय लग जाता है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद केवल 12 घंटे लगेंगे। इससे जहां समय की बचत होगी वहीं आठ राज्यों में विकास की रफ्तार तेज होगी।

    मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह, केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह, उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला तथा स्थानीय विधायक संजय सिंह भी थे।