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    साइबर सिटी में गंदगी करने वाले सावधान, कचरा फेंकने पर 2 हजार से ज्यादा लोगों को करीब 12 लाख का लगा जुर्माना

    गुरुग्राम नगर निगम ने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए जून से अब तक 2063 लोगों पर 11.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। निगम की स्वच्छता टीमें नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित कर रही हैं लेकिन कई बार देखा जाता है कि सुबह के समय सफाई होने के बाद कुछ लोग अपने घरों से कचरा निकालकर दोबारा से सड़क या गली में डाले हैं।

    By Sandeep Kumar Edited By: Monu Kumar Jha Updated: Tue, 29 Oct 2024 03:25 PM (IST)
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    Gurugram News: कचरा फेंकने वाले 2063 लोगों पर 11.50 लाख रुपये जुर्माना। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम की टीमों ने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंककर गंदगी करने के मामले में जून महीने से लेकर अब तक 2063 लोगों पर 11.50 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।

    यह कार्रवाई सड़कों के साथ स्ट्रीट वेंडिंग का कार्य करने वालों सहित बाजार क्षेत्रों के दुकानदारों व इधर-उधर कचरा फेंकने वालों पर की गई है। नगर निगम आयुक्त डा. नरहरि सिंह बांगड़ ने कहा कि सफाई व्यवस्था को खराब करने वालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

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    स्वच्छता टीमें लगातार कर रही निगरानी

    सड़कों, फुटपाथों, गलियों, ग्रीन बेल्ट, खाली प्लॉटों, बाजारों आदि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डालकर गंदगी फैलाना दंडनीय अपराध है तथा ऐसा करने वालों पर स्वच्छता टीमें लगातार निगरानी करते हुए उन पर तुरंत ही जुर्माना लगाकर उसकी अदायगी करवा रही है।

    निगमायुक्त ने कहा कि निगम की स्वच्छता टीमें नियमित रूप से शहर की सफाई सुनिश्चित कर रही हैं, लेकिन कई बार देखा जाता है कि सुबह के समय सफाई होने के बाद कुछ लोग अपने घरों व प्रतिष्ठानों से कचरा निकालकर दोबारा से सड़क या गली में डाल देते हैं।

    डा. नरहरि सिंह बांगड़, आयुक्त नगर निगम गुरुग्राम।

    इससे स्वच्छता कर्मियों द्वारा की गई सफाई व्यवस्था फिर से खराब हो जाती है। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा नागरिकों से बार-बार अपील की जा रही है कि वे अपने यहां डस्टबिन में ही कचरा रखें तथा जब कचरा एकत्रित करने वाला कर्मचारी आए तो उसे कचरा सौंपे।

    इधर-उधर कचरा डालने से वह हवा के साथ उडक़र आसपास के क्षेत्र में गंदगी व बदबू तो फैलाता ही है, साथ ही पर्यावरण प्रदूषण को भी बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाता है।

    ग्रेप का दूसरा चरण लागू, इन पर लगा है प्रतिबंध

    निगमायुक्त ने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का दूसरा चरण लागू किया जा चुका है तथा प्रदूषण बढ़ाने वाली कई प्रकार की गतिविधियों को प्रतिबंधित किया हुआ है। इनमें कचरे में आग लगाने, बिना ढके कचरा, मलबा व निर्माण सामग्री का परिवहन करने, तंदूर में लकड़ी व कोयले का इस्तेमाल तथा अवैध रूप से कचरा व मलबा फेंकने पर प्रतिबंध शामिल है।

    इसके अलावा निर्माण कार्यों में पर्यावरणीय नियमों की पालना करना अनिवार्य है। इसके तहत निर्माण साइट का कवर किया जाना तथा निर्माण सामग्री पर पानी का छिड़काव करके उसे ढककर रखना जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध विभिन्न नियमों के तहत जुर्माना लगाने व अन्य कानूनी कार्रवाई करने का प्रविधान है।

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