नमो भारत कॉरिडोर: दिल्ली-बावल रूट पर यूटिलिटी शिफ्टिंग में तेजी, जल्द शुरू होगा निर्माण
दिल्ली से बावल तक नमो भारत कॉरिडोर के लिए यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम तेज हो गया है। रेवाड़ी और दिल्ली ...और पढ़ें
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नमो भारत कॉरिडोर को लेकर यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य तेज कर दिया गया।
HighLights
नमो भारत कॉरिडोर के लिए यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्य तेज।
गुरुग्राम में एक महीने में पूरा होगा बचा हुआ काम।
कॉरिडोर पर 10 मिनट के अंतराल पर मिलेंगी ट्रेनें।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। दिल्ली से बावल तक विकसित किए जाने वाले नमो भारत कॉरिडोर को लेकर यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य तेज कर दिया गया है। इससे लाभ यह होगा कि कारिडोर विकसित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के साथ ही जमीनी स्तर पर काम शुरू हो जाएगा।
रेवाड़ी एवं दिल्ली इलाके में यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम काफी हद तक पूरा हाे चुका है। गुरुग्राम इलाके में झाड़सा चौक, राजीव चौक एवं हीरो होंडा चौक सहित कुछ जगहों पर यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम बाकी है। अगले एक महीने के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अलवर तक कॉरिडोर विकसित करने की योजना
नमो भारत कॉरिडोर (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर) सराय काले खां से लेकर अलवर तक विकसित करने की योजना है। इसे दिल्ली-जयपुर हाईवे के साथ-साथ विकसित किया जाएगा। हाईवे के साथ-साथ नीचे कहीं पर गैस पाइपलाइन है, कहीं पर बिजली की लाइन है तो कहीं पर पानी की लाइन है।
कॉरिडोर विकसित करने के लिए पिलर बनाए जाएंगे। पिलर बनाए जाने के दौरान गैस, बिजली या पानी की लाइन क्षतिग्रस्त न हो, इसके लिए इसे नजदीक ही शिफ्ट करने पर जोर दिया जा रहा है। कई जगह रूट पर बिजली के टावर थे, उसे शिफ्ट किया जा चुका है। झाड़सा चौक के नजदीक से गैस पाइपलाइन गुजर रही हैं।
काम शुरू करने से पहले मिट्टी की जांच आवश्यक
इसकी शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के अधिकारी का कहना है कि कारिडोर विकसित करने के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू करने से पहले मिट्टी की जांच आवश्यक होती है। यह कार्य पूरा हो चुका है।
रूट पर कहां पाइपलाइन है, कहां पर टेलीफाेन की लाइन है, कहां पर गैस पाइपलाइन है, इस बारे में लगभग जानकारी हासिल हो चुकी है। कुछ जगह शिफ्टिंग का काम शेष है, उसे पूरा किया जा रहा है। केंद्र सरकार से डीपीआर मंजूर होते ही दो से तीन महीने के भीतर जमीनी स्तर पर काम शुरू हो जाएगा।
10 मिनट के अंतराल पर होगी ट्रेन की सुविधा
कॉरिडोर विकसित होने के बाद 10 मिनट के अंतराल पर ट्रेन की सुविधा उपलब्ध होगी। औसतन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें कारिडोर पर चलेंगी। इससे बावल से सराये काले खां केवल 50 मिनट में लोग पहुंच जाएंगे। योजना के मुताबिक सराय काले खां से आइएनए, मुनिरका, एयरोसिटी, साइबर सिटी, इफको चौक, राजीव चौक, हीरो होंडा चौक, खेड़कीदौला, मानेसर, पचगांव चौक, बिलासपुर चौक से आगे अलवर की तरफ कारिडोर हाईवे के साथ-साथ विकसित किया जाएगा।
पहले प्रथम चरण के दौरान एनसीआरटीसी द्वारा दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराणा-बहरोड़) तक 106 किलोमीटर का कारिडोर विकसित करने की योजना थी। दूसरे चरण में सोतानाला तक और तीसरे चरण में अलवर तक कॉरिडोर विकसित किया जाना था। अब प्रथम चरण के तहत दिल्ली से बावल तक कारिडोर विकसित किया जाएगा।
