विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मेयर-डिप्टी मेयर की गुटबाजी से मानेसर में थमे विकास कार्य, नौ महीने से 70 से ज्यादा प्रस्ताव लटके

Published: Sun, 20 Sep 2026 05:40 PM (IST)

मानेसर नगर निगम में पिछले नौ महीने से वित्त एवं संविदा समिति की बैठक न होने के कारण करोड़ों रुपये ...और पढ़ें

वित्त एवं संविदा समिति की बैठक न होने से इस हालत में हैं गांवों की गलियां। जागरण

वित्त एवं संविदा समिति की बैठक न होने से इस हालत में हैं गांवों की गलियां। जागरण

HighLights

  1. नौ महीने से वित्त एवं संविदा समिति की बैठक नहीं हुई।

  2. करोड़ों रुपये के विकास कार्य प्रस्ताव मंजूरी का इंतजार कर रहे।

  3. मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर के बीच गुटबाजी मुख्य कारण।

गोविन्द फलस्वाल, मानेसर (गुरुग्राम)। निकाय चुनाव के बाद मानेसर नगर निगम में विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लगता दिखाई दे रहा है। वित्त एवं संविदा समिति की पिछले नौ महीने से बैठक नहीं हुई है।

समिति की बैठक नहीं होने से करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव मंजूरी के इंतजार में हैं। सड़क, जल निकासी, गलियों, स्ट्रीट लाइट, नाली और सफाई सहित कई बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों के साथ बड़े प्रोजेक्ट भी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।

नगर निगम में मेयर डा. इंद्रजीत कौर यादव और सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीण यादव के बीच गुटबाजी को बैठक नहीं होने का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। एक बार निगम हाउस की बैठक में विकास कार्यों को मंजूरी दी गई थी।

हाउस और कमेटी की बैठकें ठप

इसके बाद चार अगस्त को वित्त एवं संविदा समिति की बैठक प्रस्तावित थी। इसमें करीब 70 एजेंडे रखे जाने थे, लेकिन बैठक में कहासुनी के बाद इसे स्थगित कर दिया गया। वित्त एवं संविदा समिति को 10 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों को मंजूरी देने की शक्ति है।

वहीं, एक करोड़ रुपये तक के कार्य नगर निगम आयुक्त अपने स्तर पर मंजूर कर सकते हैं। समिति की बैठक नहीं होने से फिलहाल एक करोड़ रुपये से कम लागत वाले कार्य ही आगे बढ़ पा रहे हैं। आपात स्थिति में आयुक्त की मंजूरी लेकर इंजीनियरिंग शाखा कार्य कर रही है।

इसके अलावा पहले से मंजूर कार्य भी जारी हैं। निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल यह भी उठ रहे हैं कि बड़े एस्टीमेट को टुकड़ों में बांटकर आयुक्त स्तर से मंजूर कर कार्य कराने की स्थिति बन रही है। निगम हाउस और वित्त एवं संविदा समिति की बैठक हर माह कराने की मांग पार्षदों की ओर से उठती रही है।

यह भी पढ़ें- हरियाणा के हांसी के गांवों में 1.67 करोड़ के विकास कार्य शुरू, विधायक विनोद भयाना ने दी सौगात

यह भी पढ़ें- प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बिलासपुर को मिली 1.5 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

हाउस की बैठक बुलाने की जिम्मेदारी मेयर डा. इंद्रजीत कौर यादव की है। सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीण यादव इस संबंध में निगम आयुक्त और निगम सचिव को दो बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन नौ महीने बाद भी बैठक नहीं हो सकी है।

नौ बड़े प्रोजेक्ट समेत 70 से अधिक प्रस्ताव लंबित

विभिन्न वार्डों के पार्षदों और स्थानीय लोगों की मांग पर विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए जा चुके हैं। इनमें करीब एक दर्जन सामुदायिक भवन, खेल स्टेडियम, कालोनियों की गलियां, गांवों की फिरनी और रास्तों के कार्य शामिल हैं।

इस बारे में नगर निगम आयुक्त प्रदीप मलिक से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

लंबित प्रमुख कार्य

प्रमुख विकास परियोजनाओं की सूची

क्र. कार्य का विवरण स्थान अनुमानित लागत
1 आडिटोरियम हरसरू ₹ 9.80 करोड़
2 कल्चरल सेंटर हरसरू ₹ 7.80 करोड़
3 स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स चंदू रोड ₹ 3.50 करोड़
4 सामुदायिक भवन बास कुशला ₹ 6.00 करोड़
5 ई-लाइब्रेरी व सीएफसी शिकोहपुर ₹ 6.18 करोड़
6 इंडोर व आउटडोर स्टेडियम फाजलवास ₹ 9.74 करोड़
7 क्रिकेट स्टेडियम नैनवाल ₹ 9.90 करोड़
8 सामुदायिक भवन बढ़ा ₹ 9.90 करोड़
9 श्मशान घाट वार्ड 19 ₹ 3.50 करोड़