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KMP एक्सप्रेसवे पर क्यों हो रहे इतने हादसे? सामने आई बड़ी वजह; 135 KM के सफर में नहीं कोई जनसुविधा

Published: Wed, 28 Jan 2026 05:16 PM (IST)

गुरुग्राम में कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर गलत तरीके से खड़े ट्रक और ट्राले लगातार हादसों और जाम का कारण बन ...और पढ़ें

केएमपी एक्सप्रेसवे पर हादसे बढ़ रहे हैं। जागरण

केएमपी एक्सप्रेसवे पर हादसे बढ़ रहे हैं। जागरण

HighLights

  1. केएमपी पर अवैध रूप से खड़े ट्रक बन रहे हादसों का कारण

  2. एक्सप्रेसवे पर सुविधाओं की कमी से चालक सड़क किनारे रुकते हैं

  3. अवैध पार्किंग से यातायात बाधित, अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया

जागरण संवाददाता, मानेसर (गुरुग्राम)। गुरुग्राम में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर गलत तरीके से खड़े रहने वाले ट्रक और ट्राले मौत का कारण बन रहे हैं। इसके कारण कई बार हादसे हुए हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

हाईवे की मुख्य सड़क और सभी प्रवेश द्वारों के दोनों तरफ काफी संख्या में बड़े ट्रक और ट्राले खड़े रहते हैं। मुख्य लेन और टोल प्लाजा के दोनों तरफ खड़े रहने वाले ट्रक किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इनके कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। पहले भी ऐसे सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण हादसे हुए हैं।

पचगांव चौक, फरुखनगर, तावडू, कुंडली और खरखौदा टोल पर केएमपी एक्सप्रेसवे पर दोनों तरफ बड़े ट्रक खड़े रहते हैं। इसके कारण कई बार लंबा जाम भी लग रहा है। इसके कारण अन्य लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पचगांव चौक के नजदीक टोल प्लाजा बनाया गया है।

दिल्ली-जयपुर हाईवे से केएमपी एक्सप्रेसवे पर जाने वाले बड़े ट्रक और ट्रालों के चालक टोल का भुगतान करने के बाद यहां बनें होटलों पर खाना खाने लिए वाहनों को सड़क किनारे खड़े कर देते हैं। ऐसे ही मिंडकोला के नजदीक दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए कट बनाया गया है। यहां भी काफी दूर तक सड़क किनारे बड़े ट्राले खड़े रहते हैं। यहां काफी दूर तक दुकानें और ढाबे बनाए गए हैं।

बता दें कि चालक इन दुकानों पर चाय पीने और खाना खाने के लिए रुकते हैं। इसके कारण यहां हमेशा वाहनों की लाइन लगी रहती है। टोल प्लाजा से निकलते ही ट्रक खड़े होने के कारण दूसरे वाहन चालकों को काफी परेशान होना पड़ता है। बड़े ट्रालों को निकलने में भी काफी समय लगता है, जिसके कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।

पचगांव से नूंह, पलवल के साथ बहादुरगढ़, सोनीपत, पानीपत और चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले ट्रक यहां खड़े रहते हैं। कई बार पुलिस कर्मियों द्वारा सख्ती दिखाने पर यहां ट्रक नहीं खड़े होते लेकिन कुछ समय बाद फिर ऐसे ही ट्रक खड़े रहते हैं। हालांकि, एचएसआइआइडीसी (हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम) द्वारा इसके लिए पेट्रोलिंग की जाती है लेकिन, फिर भी सड़क के दोनों तरफ ट्राले खड़े रहते हैं।

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केएमपी पर नहीं है कोई व्यवस्था

केएमपी एक्सप्रेसवे पर कहीं भी रुकने और चाय पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। करीब 135 किलोमीटर के सफर में चालकों को कहीं भी कोई जनसुविधा नहीं मिलती हैं। इसके कारण हर जगह स्थानीय लोगों ने केएमपी एक्सप्रेस के साथ छोटे ढाबे और दुकानें बना ली हैं। इन दुकानों पर चाय पीने के लिए रुकते हैं। इन ट्रकों के कारण अन्य वाहन चालकों को काफी दिक्कत होती है। वाहन में तकनीकी खराबी आने के बाद भी चालक को सड़क किनारे ही वाहन खड़ा करना पड़ता है। इसके किनारे न तो पंक्चर बनाने की व्यवस्था है न ही मैकेनिक मिलता है। इसके संबंध में केएमपी एक्सप्रेसवे प्रभारी आरके चावला का कहना है कि इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।