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    जोगिया द्वारे-द्वारे: सत्येंद्र सिह

    By JagranEdited By:
    Updated: Mon, 17 Aug 2020 06:23 AM (IST)

    अपने विशेष अंदाज के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान अमिट छाप छोड़ गए।

    जोगिया द्वारे-द्वारे: सत्येंद्र सिह

    दुष्यंत का अंदाज सबको भाया

    अपने विशेष अंदाज के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान अमिट छाप छोड़ गए। दरअसल कार्यक्रम के दौरान ही पंचायती राज को बढ़ावा देने में विशेष योगदान देने वाली महिलाओं को स्कूटी भेंट की जानी थी। सौ महिलाओं को स्कूटी मिलनी थी। स्कूटी एक कंपनी के सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी) के तहत दी जानी थी। अधिकारियों ने प्लान बनाया था कि कि उप-मुख्यमंत्री एक महिला को स्टेज पर बुलाकर चाभी सौंप देंगे। मगर उप-मुख्यमंत्री ने ऐसा नहीं किया। वह मंच से नीचे उतरे और महिला अचीवर्स के बीच जाकर सामूहिक रूप से फोटो खिचवाने के बाद बारी-बारी से सभी को चाभी सौंप हरी झंडी दिखा रवाना किया। उनके इस अंदाज से महिला अचीवर्स गदगद हो गईं। जनता से सीधे संवाद का कुछ ऐसा ही अंदाज दुष्यंत के दादा पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और परदादा पूर्व उप-प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल का भी होता था। मैडम बोलीं पीछे नहीं आगे जाना है

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    भाजपा का जिलाध्यक्ष बनने के लिए कई लोग दौड़ में हैं। किसी की पतवार केंद्रीय मंत्री के पास तो कोई मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों के सहारे है। पार्टी संगठन के पदाधिकारियों की मंशा है कि जिला अध्यक्ष पद पर किसी ऐसे व्यक्ति को बैठाया जाए जो पार्टी का वफादार पुराना सिपाही रहा हो। साथ ही उसका काम करने का अंदाज भी ऐसा हो जो पार्टी में एकता बनाए रखने के साथ अधिकारियों पर भी छाप छोड़ सके। सभी बातों को ध्यान में रखते हुए चार दिन पहले पार्टी की प्रदेश सचिव तथा हरियाणा खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की पूर्व चेयरपर्सन गार्गी कक्कड़ के नाम पर कुछ नेताओं ने सहमति बनाई। नेताओं का यह मानना है कि गार्गी सभी समीकरणों के मुताबिक फिट हैं। सियासी गलियारों ने जैसे ही गार्गी का नाम आया तो उन्होंने उन नेताओं को फोन कर यह कहते हुए मनाकर दिया कि आगे बढ़कर पीछे नहीं आना है।

    माता को कब मिलेगा अपना स्थान

    साइबर सिटी के शीतला माता मंदिर को भव्य रूप देने के लिए करीब आठ साल पहले योजना बनी थी। प्रदेश में सत्ता बदल गई तो योजना पर काम भी शुरू हुआ, जिसके चलते शीतला माता की दिव्य मूर्तियों को एक कमरे में रख दिया गया। प्लान यह था कि जब माता की जगह को नया रूप दे दिया जाएगा तो मूर्ति फिर से स्थापित कर दी जाएंगी। जिस गति से निर्माण कार्य चल रहा है उसे देखकर यही लग रहा कि लाखों लोगों की श्रद्धेय शीतला माता को अपनी जगह मिलने में कई साल लग जाएंगे। जबकि माता के भक्त चाहते हैं कि मंदिर का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। मां भक्त सुरेश व रामसुमेर ने कहा अब तो श्रीराम मंदिर का भी निर्माण शुरू हो चुका है। माता को अपनी जगह पर शीघ्र पुन:स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री को अपने संज्ञान में लेकर निर्माण कार्य कराना चाहिए।

    लाइनमैन से पूछताछ, अफसरों को लग रहा करंट

    बिजली निगम में हुए कई घोटालों के आरोपित लाइनमैन पवन को पुलिस ने रिमांड पर ले रखा है। उससे पूछताछ थाने में की जा रही पर असर बिजली निगम के कार्यालय में देखने को मिल रहा है। कई जेई से लेकर बड़े अधिकारियों के चेहरे की लालिमा गायब है। उन्हें डर है कि अगर पवन खाकी वालों के दबाव में तोते की तरह बोलने लगा तो उनके भी कई राज सामने आ जाएंगे। ऐसा इसलिए है कि पवन द्वारा तैयार की गई रिश्वत की रसमलाई का स्वाद कइयों ने लिया है। पुलिस के आगे नाम आने पर उन्हें रसमलाई उगलनी पड़ सकती है। यही नहीं कुर्सी भी जा सकती है। इसी डर से कुछ अफसर यह जानने में पूरे दिन लगे रहे कि पवन ने क्या-क्या बताया। जानने के लिए एक जेई ने तो हवलदार से दोस्ती भी कर ली है। देखना यह है कि दोस्ती काम आती या नहीं!