NHAI की बड़ी लापरवाही: हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर से गिर रहा कंक्रीट, दिखने लगे सरिये
गुरुग्राम के हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर की हालत बदहाल है, जो सात साल में चार बार क्षतिग्रस्त हो चुका है और अब उसके सरिये दिखने लगे हैं।

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सफर हुआ खतरनाक
HighLights
सात साल में चार बार क्षतिग्रस्त हुआ हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर।
फ्लाईओवर के स्लैब से कंक्रीट गिर रहा, सरिये उजागर।
एक लेन दो साल से बंद, यातायात और हादसे का खतरा।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। देश के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर की बदहाली भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
वर्ष 2017 में उद्घाटन के साथ वाहन चालकों को सुगम सफर की उम्मीद देने वाला यह फ्लाईओवर सात साल के भीतर चार बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। अब हालात ऐसे हैं कि फ्लाईओवर के स्लैब का कंक्रीट टूटकर गिर रहा है और उसके भीतर लगे सरिये साफ दिखाई देने लगे हैं।
विडंबना देखिए कि जयपुर से दिल्ली की ओर जाने वाली फ्लाईओवर की एक लेन लगभग दो साल से बंद पड़ी है। इस दौरान सड़क पर बने गड्ढे भरने के बजाय बढ़ते चले गए। अब स्लैब की हालत भी लगातार खराब हो रही है।
यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा मामला
जिस मार्ग से रोजाना लाखों वाहन गुजरते हैं, वहां यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा यह गंभीर मामला जिम्मेदार तंत्र की प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहा है। फ्लाईओवर की खराब हालत कोई नई समस्या नहीं है। अप्रैल 2018 में उद्घाटन के एक साल के भीतर ही सड़क का बड़ा हिस्सा उखड़कर नीचे गिर गया था।
मई 2019 में इसी हिस्से में दोबारा कंक्रीट गिरने से बड़ा सुराख बन गया था। इसके बाद सरकार को आइआइटी मुंबई की टीम से फ्लाईओवर का आडिट कराना पड़ा। लेकिन आडिट के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान होता नहीं दिखा। 2022 में जयपुर से दिल्ली की ओर एक्सप्रेसवे की लेन का करीब 20 मीटर हिस्सा नीचे की तरफ धंस गया और सरिये बाहर दिखाई देने लगे। लगभग
दो साल पहले इसी दिशा में सड़क क्षतिग्रस्त हुई। इसके बाद से एक लेन बंद है। अब स्लैब से कंक्रीट गिरने और सरिये उजागर होने की स्थिति बता रही है कि समस्या केवल सड़क की ऊपरी परत तक सीमित नहीं रह गई है। हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर की समस्या को लगातार उठाने वाले आरटीआइ कार्यकर्ता रमेश यादव कहते हैं जब तक जिम्मेदारी तय कर अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होगी, तब तक व्यवस्था बेहतर नहीं होगी। जो भी जिम्मेदार हैं, उनकी पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए।
जाम के साथ हादसे का खतरा, जवाबदेही किसकी?
दिल्ली-जयपुर हाईवे का हिस्सा होने के कारण इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। फ्लाईओवर की एक लेन बंद होने से यातायात का दबाव दूसरी लेन पर बढ़ रहा है। इससे जाम की समस्या के साथ वाहनों के आपस में टकराने का खतरा भी बढ़ रहा है।
इस बारे में एनएचएआइ के परियोजना निदेशक भवनेश कुमार का कहना है कि कंसल्टेंट के माध्यम से फ्लाईओवर को किस तरह मरम्मत की जाए, इस बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
