गुरुग्राम के 3 बड़े चौराहों से खत्म होगा जाम, 136 करोड़ की लागत से बनेंगे 2 फ्लाईओवर और 1 अंडरपास
गुरुग्राम में यातायात जाम से निजात दिलाने के लिए 136.41 करोड़ रुपये की लागत से दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास ...और पढ़ें

गुरुग्राम में बनेेंगे दो फ्लाईओवर। फोटो: सांकेतिक
HighLights
गुरुग्राम में 136 करोड़ रुपये से बनेंगे दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास।
दादी सती चौक और विकास मार्ग पर फ्लाईओवर, मिलेनियम सिटी सेंटर पर अंडरपास।
परियोजनाएं 18 महीने में पूरी होंगी, यातायात जाम से मिलेगी राहत।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। शहर के तीन प्रमुख यातायात जंक्शनों पर जाम से राहत दिलाने के लिए दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की इन तीनों परियोजनाओं पर 136.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। टेंडर आवंटित होने के बाद 18 महीने में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दादी सती चौक पर बनेगा छह लेन का फ्लाईओवर
सेक्टर 85-86 और 89-90 के बीच स्थित दादी सती चौक पर 43.05 करोड़ रुपये की लागत से 840 मीटर लंबा छह लेन का फ्लाईओवर बनाया जाएगा।
फ्लाईओवर के नीचे 7.5 मीटर चौड़ा यू-टर्न, दोनों ओर सर्विस रोड और पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ भी बनाए जाएंगे। इससे न्यू गुरुग्राम के आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहन चालकों को सुविधा मिलेगी।
इसी तरह सेक्टर 45-46 और 51-52 के जंक्शन पर विकास मार्ग के ऊपर 36.36 करोड़ रुपये की लागत से 930 मीटर लंबा चार लेन का फ्लाईओवर बनेगा।
इससे पार्क अस्पताल और अरिहंत अस्पताल की ओर जाने वाले लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यहां सर्विस रोड, स्लिप रोड और फ्लाईओवर के नीचे दो यू-टर्न बनाए जाएंगे।
मिलेनियम सिटी सेंटर के पास 57 करोड़ से अंडरपास
सेक्टर 27-29 और 43-44 के व्यस्त जंक्शन पर मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास 57 करोड़ रुपये की लागत से अंडरपास बनाया जाएगा। इसकी एप्रोच लंबाई करीब 1350 मीटर होगी।
इसमें इफको चौक की ओर 625 मीटर और अर्दी सिटी की ओर 725 मीटर का हिस्सा शामिल है। परियोजना में दोनों ओर अतिरिक्त यू-टर्न, 9.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड और 2.5 मीटर चौड़े फुटपाथ भी बनाए जाएंगे।
पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 300 मीटर लंबा कवर फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसमें चार लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा होगी। इसके अलावा परियोजना में सौर ऊर्जा संयंत्र और दो वर्षा जल संचयन प्रणाली भी स्थापित की जाएंगी।
प्रत्येक प्रणाली की क्षमता दो लाख लीटर होगी। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने कहा कि तीनों परियोजनाओं के पूरा होने से प्रमुख चौराहों पर यातायात का दबाव कम होगा। वाहन चालकों का समय बचेगा और पैदल यात्रियों को भी सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
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