गुरुग्राम में जाम से राहत की तैयारी, 776 करोड़ से बनेगी 4.2 KM एलिवेटेड रोड; SPR की बदलेगी तस्वीर
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) के 4.2 किलोमीटर हिस्से को एलिवेटेड करने के लिए 776 ...और पढ़ें

एसपीआर का वाटिका चौक से द्वारका एक्सप्रेसवे की तरफ का भाग। जागरण
HighLights
जीएमडीए ने एसपीआर के 4.2 किमी हिस्से को एलिवेटेड करने का टेंडर जारी किया।
परियोजना लागत 776 करोड़ रुपये, 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।
वाटिका चौक पर यातायात दबाव घटेगा, गुरुग्राम की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर यातायात का दबाव कम करने और गुरुग्राम की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने की दिशा में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने बड़ा कदम उठाया है।
जीएमडीए ने एसपीआर के करीब 4.2 किलोमीटर हिस्से को एलिवेटेड करने के लिए 776 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया है। परियोजना के तहत तीन-तीन लेन की मुख्य एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी, जबकि दोनों तरफ दो-दो लेन की सर्विस रोड विकसित करने की योजना है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और इसे 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना के पूरा होने से एसपीआर पर रोजाना आवागमन करने वाले लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर व्यस्त वाटिका चौक और आसपास के हिस्सों में यातायात का दबाव कम होगा। एलिवेटेड रोड के जरिये द्वारका एक्सप्रेसवे से गुरुग्राम-सोहना हाईवे के बीच सीधा और सुगम संपर्क विकसित होगा। प्रस्तावित परियोजना केवल एसपीआर के एक हिस्से को एलिवेटेड करने तक सीमित नहीं है।
एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित करने का भी प्रस्ताव
इसके तहत वाटिका चौक पर क्लोवरलीफ इंटरचेंज विकसित करने की योजना है। साथ ही वाटिका चौक से घाटा तक एलिवेटेड कारिडोर विकसित करने का भी प्रस्ताव है। इससे अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को बिना प्रमुख चौराहों पर रुके अपने गंतव्य की ओर जाने में सुविधा मिलेगी। वर्तमान में वाटिका चौक और एसपीआर के आसपास कई प्रमुख मार्गों का यातायात एक-दूसरे को प्रभावित करता है।
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द्वारका एक्सप्रेसवे, एसपीआर, गुरुग्राम-सोहना मार्ग और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहनों का दबाव यहां बढ़ता है। एलिवेटेड कारिडोर और क्लोवरलीफ इंटरचेंज बनने के बाद इस यातायात को अलग-अलग स्तर पर संचालित करने की योजना है। सेक्टर-46 निवासी इंजीनियर नरेश वर्मा कहते हैं कि परियोजना पूरी होने के बाद कई मार्गों के बीच कनेक्टिविटी अधिक सुगम होगी। जितनी जल्द हो निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक आसान होगी पहुंच
परियोजना का असर केवल गुरुग्राम तक सीमित नहीं रहेगा। एलिवेटेड रोड के जरिये दिल्ली और गुरुग्राम से आने वाले वाहनों को सोहना और आगे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ओर जाने में सुविधा होगी। इससे दिल्ली, फरीदाबाद और रेवाड़ी से लेकर अलवर तक के इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।
फिलहाल स्थिति यह है कि 24 घंटे रोड के ऊपर ट्रैफिक का दबाव है। यह रोड गांव घाटा के पास गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जुड़ी है। इस वजह से फरीदाबाद ही नहीं बल्कि दक्षिणी दिल्ली की तरफ जाने वाले काफी वाहन इसी रोड होकर निकलते हैं।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही परियोजना का काम जमीनी स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। निर्माण को लेकर आवश्यक तैयारियां पहले से की जा रही हैं। काम किस तरह और किस चरण में किया जाना है, इसकी रूपरेखा तैयार है। परियोजना के निर्माण के दौरान मौजूदा यातायात को भी ध्यान में रखा जाएगा, ताकि निर्माण कार्य के कारण लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
