गुरुग्राम में RMC प्लांटों पर बड़ी कार्रवाई, शहर से बाहर बनेंगे विशेष जोन; एडीसी कमेटी करेगी जमीन की तलाश
गुरुग्राम में वायु प्रदूषण और सड़कों को भारी वाहनों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए रेडी मिक्स कंक्रीट ...और पढ़ें

गुरुग्राम में प्रदूषण और जाम पर प्रहार। (AI-Image)
HighLights
आरएमसी प्लांटों से प्रदूषण, सड़क क्षति रोकने की पहल।
शहर से बाहर विशेष जोन में स्थापित होंगे प्लांट।
एडीसी की अध्यक्षता में जमीन पहचान को कमेटी गठित।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम में रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांटों के अनियंत्रित संचालन से होने वाले वायु प्रदूषण और भारी वाहनों से सड़कों को पहुंचने वाले नुकसान पर अंकुश लगाने के लिए अब शहर से बाहर विशेष जोन विकसित किए जाएंगे।
इन जोन में सभी आरएमसी प्लांटों को व्यवस्थित तरीके से स्थापित करने की योजना है। इसके लिए उपयुक्त सरकारी जमीन की पहचान की जाएगी। एचएसआइआइडीसी और पंचायतों की जमीन पर भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित
लघु सचिवालय में बुधवार को हरियाणा सरकार के शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में आयोजित 14वीं जिलास्तरीय समन्वय समिति की बैठक में इस योजना पर चर्चा हुई।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि आरएमसी प्लांटों के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के लिए गुरुग्राम के अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है।
इस कमेटी में डीटीपी एन्फोर्समेंट, जीएमडीए के आरएस बाठ को सदस्य सचिव बनाया गया है। वहीं, जिला प्रशासन, नगर निगम गुरुग्राम, नगर निगम मानेसर और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) के प्रतिनिधियों को सदस्य बनाया गया है।
शहर से बाहर विकसित होंगे जोन
डीएस ढेसी ने कहा कि आरएमसी प्लांटों के लिए शहर से बाहर अलग-अलग स्थानों पर जोन विकसित करने का विषय इसी माह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भी सामने आया था।
उन्होंने कमेटी को निर्देश दिए कि जमीन की पहचान और जोन विकसित करने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। संभावित स्थानों के संबंध में बिना देरी किए सिफारिशें प्रस्तुत की जाएगी।
एचएसआइआइडीसी और पंचायतों की जमीन पर नजर
बैठक में निर्देश दिए गए कि नगर निगमों की सीमाओं से बाहर उपलब्ध सरकारी जमीन की पहचान को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए एचएसआइआइडीसी की जमीन के साथ पंचायतों की भूमि पर भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर एक से अधिक आरएमसी जोन विकसित करने पर विचार किया जाएगा, ताकि सभी प्लांटों को नियोजित तरीके से संचालित किया जा सके।
भारी वाहनों की आवाजाही होगी कम
इस पहल से शहर के भीतर आरएमसी प्लांटों से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही कम करने में मदद मिलेगी। इससे सड़कों को होने वाले नुकसान में कमी आएगी। साथ ही, प्लांटों से निकलने वाली धूल और वायु प्रदूषण पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा।
सरकार का उद्देश्य आरएमसी प्लांटों के संचालन को व्यवस्थित करने के साथ शहर के पर्यावरण और आधारभूत ढांचे को सुरक्षित रखना है।
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