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सेक्टर-56 से पचगांव तक जुड़ेगा गुरुग्राम का नया मेट्रो कॉरिडोर, 35.25 किमी रूट पर 28 स्टेशन प्रस्तावित

Published: Fri, 11 Sep 2026 07:36 PM (IST)

गुरुग्राम में सेक्टर-56 से पचगांव तक प्रस्तावित 35.25 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा की गई है। मुख्य ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. सेक्टर-56 से पचगांव तक 35.25 किमी मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित।

  2. मुख्य सचिव ने डीपीआर को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।

  3. परियोजना गुरुग्राम के शहरीकरण और यातायात दबाव कम करेगी।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी में बढ़ते शहरीकरण और लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव को देखते हुए प्रदेश सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत करने में जुटी है।

इसी कड़ी में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को सेक्टर-56 से पचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो कारिडोर की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों और एजेंसियों को संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) निर्धारित समय सीमा में अंतिम रूप देने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना को स्वीकृति और क्रियान्वयन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

प्रस्तावित 35.25 किलोमीटर लंबे मेट्रो कारिडोर में 28 स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। कारिडोर गुरुग्राम के प्रमुख आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा। इससे गुरुग्राम-मानेसर-पंचगांव क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ ही सड़क यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।

बढ़ती आबादी के लिए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट

प्रस्तावित मेट्रो मार्ग सेक्टर-56 से शुरू होकर सेक्टर-61, 65, 66, 50 और 49 होते हुए खेड़की दौला, ग्लोबल सिटी, न्यू गुरुग्राम के सेक्टर-84, 86 और 90 से होकर आइएमटी मानेसर तथा पचगांव तक पहुंचेगा। इन क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही आबादी, औद्योगिक गतिविधियों और आवागमन की जरूरतों को देखते हुए कारिडोर को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में परियोजना को मौजूदा और प्रस्तावित परिवहन प्रणालियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। मेट्रो कारिडोर को रैपिड मेट्रो, आरआरटीएस, हरियाणा आर्बिटल रेल कारिडोर (एचओआरसी) और भविष्य में विकसित होने वाली अन्य रेल आधारित परिवहन प्रणालियों से जोड़ने की योजना है।

इससे गुरुग्राम महानगरीय क्षेत्र में यात्रियों को एक परिवहन माध्यम से दूसरे माध्यम तक आसानी से पहुंचने की सुविधा मिल सकेगी।

90 किमी प्रति घंटे की डिजाइन गति, सीबीटीसी सिग्नलिंग

प्रस्तावित परियोजना मीडियम कैपेसिटी मेट्रो रेल प्रणाली पर आधारित होगी। इसकी डिजाइन गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा प्रस्तावित की गई है। संचालन में दक्षता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) सिग्नलिंग प्रणाली अपनाने का प्रविधान किया गया है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि मेट्रो परियोजना की योजना केवल मौजूदा यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं बनाई जानी चाहिए। अगले 15 से 20 वर्षों में गुरुग्राम में होने वाले शहरीकरण, जनसंख्या वृद्धि और आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए इसकी क्षमता और नेटवर्क की योजना तैयार की जाए।

उन्होंने कहा कि भविष्य की शहरी परिवहन व्यवस्था के लिए विभिन्न सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों के बीच प्रभावी एकीकरण बेहद जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण नियोजन संबंधी मुद्दों का समाधान डीपीआर तैयार करने के स्तर पर ही कर लिया जाए, ताकि बाद के चरण में किसी प्रकार की अड़चन या अनावश्यक देरी न हो।

बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, विभाग के निदेशक जे. गणेशन, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, एचएसआइआइडीसी के प्रबंध निदेशक विनय प्रताप सिंह तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक सह हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक मुकुल कुमार सहित संबंधित विभागों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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