Cyber City में जल्द होगा मेट्रो विस्तार, गुरुग्राम मेट्रो को मिली हरी झंडी; जमीन अधिग्रहण तेज
गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के लिए निजी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी आई है। डीसी अजय कुमार की अध्यक्षता में भूमि ...और पढ़ें

लघु सचिवालय में आयोजित एलपीसी की बैठक की अध्यक्षता करते डीसी अजय कुमार व अन्य अधिकारी।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के लिए निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से गठित भूमि क्रय समिति (एलपीसी) की बैठक डीसी अजय कुमार की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में आयोजित की गई।
डीसी अजय कुमार ने बैठक में भूमि अर्जन अधिकारी (एलएओ) को निर्देश दिए कि मेट्रो कारिडोर-एक के लिए एवं डिपो क्षेत्र के लिए चिन्हित भूमि की संयुक्त साइट वेरिफिकेशन प्रक्रिया को नीति के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए।
एलएओ द्वारा अवगत कराया गया कि संयुक्त निरीक्षण एवं स्वामित्व सत्यापन प्रक्रिया में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है, जिसके मद्देनज़र भूमि क्रय समिति की अगली बैठक 11 फरवरी को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की अधिसूचना आरएफसीटीएलएआरआर अधिनियम-2013 के प्रावधानों के अनुरूप जारी की जाएगी।
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डीसी ने जीएमआरएल अधिकारियों को निर्देश दिए कि कारिडोर-दो पैकेज के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित विवरण शीघ्र प्रस्तुत किया जाए, ताकि दोनों पैकेजों की अधिसूचना एक साथ जारी की जा सके।
बैठक में अतिरिक्त सीईओ जीएमडीए विश्वजीत चौधरी, एसडीएम गुरुग्राम परमजीत चहल, एलएओ अनुपमा मलिक, नगर निगम संयुक्त आयुक्त विशाल, डीआरओ विजय यादव, जीएमआरल से सीपीएम आर.पी गुप्ता, जीएमआरल से डायरेक्टर (प्रोजेक्ट) एसआर सांगवा, एडवाइजर अर्बन टीपीटी सुजाता सांवत, डीटीपी प्लानिंग प्रवीण चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नौ सदस्यीय भूमि क्रय समिति का गठन
हरियाणा सरकार की अधिसूचित नीति के तहत गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के लिए निजी भूमि अधिग्रहण हेतु डीसी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय भूमि क्रय समिति (एलपीसी) का गठन किया गया है।
समिति में अतिरिक्त सीईओ जीएमडीए, नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त, भूमि अधिग्रहण अधिकारी (एलएओ) को सदस्य सचिव, जिला नगर योजनाकार, जिला राजस्व अधिकारी, जीएमआरएल के वित्त एवं परियोजना नियोजन निदेशक, जीएमडीए के अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सदस्य के रूप में शामिल हैं।
आवश्यकता अनुसार कृषि, वन विभाग के सक्षम अधिकारियों को भी आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किए जाने का प्रावधान है, ताकि भूमि, वृक्ष एवं अन्य परिसंपत्तियों का उचित मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।
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