हरियाणा RERA का बड़ा फैसला, बुकिंग के बाद खरीदार डिफाॅल्ट कर जाए तो बिल्डर सिर्फ 10% राशि ही जब्त कर पाएगा
हरेरा गुरुग्राम ने आदेश दिया है कि खरीदार के डिफाल्ट पर बिल्डर कुल कीमत का केवल 10% ही जब्त कर ...और पढ़ें

एलान मिरेकल प्रोजेक्ट का यूनिट रद, बाकी राशि 10.8 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने का आदेश। फोटो: आर्काइव

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गौरव सिंगला, नया गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी गुरुग्राम (हरेरा) ने एक अहम आदेश में साफ किया है कि खरीदार के डिफाॅल्ट करने की स्थिति में भी बिल्डर कुल कीमत का केवल 10 प्रतिशत तक ही राशि जब्त कर सकता है।
सेक्टर-84 स्थित एलान मिरेकल प्रोजेक्ट में एक कमर्शियल यूनिट की बुकिंग रद्द होने के मामले में प्राधिकरण ने एलान बिल्डकाॅन प्राइवेट लिमिटेड को अधिकांश जमा रकम 10.8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का निर्देश दिया है।
13 जनवरी को जारी आदेश में हरेरा ने यूनिट जी-029 की बुकिंग रद करने के फैसले को सही माना, क्योंकि खरीदार द्वारा बकाया भुगतान नहीं किया गया था। हालांकि, प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अर्नेस्ट मनी के नाम पर बिल्डर 10 प्रतिशत से अधिक रकम जब्त नहीं कर सकता।
यह शिकायत दिल्ली के रहने वाले गौरव चौधरी और मनीषा ने दायर की थी। अप्रैल 2024 में गौरव चौधरी के निधन के बाद उनकी बेटी सुहानी को कानूनी वारिस के रूप में मामले में शामिल किया गया।
हरेरा के अनुसार, खरीदारों ने कुल कीमत 1.21 करोड़ रुपये में से 31.31 लाख रुपये, यानी लगभग 26 प्रतिशत राशि जमा कराई थी, लेकिन प्रोजेक्ट को मार्च 2023 में ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद भी आगे का भुगतान नहीं किया।
इसके चलते 28 जून 2023 को की गई यूनिट की रद्दीकरण कार्रवाई को वैध माना गया और डिफाॅल्ट की जिम्मेदारी खरीदारों पर तय की गई। इसके बावजूद प्राधिकरण ने बिल्डर द्वारा अधिक रकम रोकने की कोशिश पर सख्त टिप्पणी की।
हरेरा ने अपने 2018 के नियमों और अदालतों के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि यदि करार में अधिक राशि जब्त करने का प्रॉवधान भी हो, तो वह मान्य नहीं होगा। बिल्डर केवल बेसिक सेल प्राइस का 10 प्रतिशत ही अर्नेस्ट मनी के रूप में काट सकता है।
हरेरा ने बिल्डर को निर्देश दिया कि 92.5 लाख रुपये के बेसिक सेल प्राइस का 10 प्रतिशत काटकर शेष राशि 28 जून 2023 से वास्तविक भुगतान तक 10.8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वापस की जाए। आदेश का पालन करने के लिए बिल्डर को 90 दिन का समय दिया गया है।
