बादशाहपुर के सेक्टर-52 में बदहाल सफाई और रात में धुएं से लोग परेशान
बादशाहपुर के सेक्टर-52 और 52ए में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है, जिससे जगह-जगह गंदगी जमा है। रात में अवैध रूप ...और पढ़ें

बादशाहपुर के सेक्टर-52 में बदहाल सफाई और रात में धुएं से लोग परेशान ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
सेक्टर 52 में सफाई व्यवस्था बदहाल, कचरा उठान अनियमित।
रात में अवैध कचरा जलाने से वायु प्रदूषण गंभीर।
निवासियों ने पार्षद और निगम आयुक्त से कार्रवाई की मांग।
संवाद सहयोगी, बादशाहपुर। सेक्टर-52 और 52ए में सफाई व्यवस्था बदहाल होने के साथ रात के समय वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या बनी हुई है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नियमित कचरा उठान नहीं होने से जगह-जगह गंदगी जमा रहती है। रात आठ बजे के बाद क्षेत्र में धुएं की मोटी चादर छा जाती है।
जलाई जा रही प्रदूषित सामग्री
रात के अंधेरे में कहीं अवैध रूप से कचरा, रबर या अन्य प्रदूषित सामग्री जलाई जा रही है। धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, गले में खराश और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो रही हैं।
नहीं निकाला जा रहा समाधान
निवासियों ने इस संबंध में वार्ड-21 की पार्षद सोनिया यादव से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया और संबंधित विभागों को शिकायत भेजकर रात के समय विशेष निगरानी, अवैध रूप से कचरा जलाने वालों की जांच और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
निवासियों का कहना है कि हर साल यह समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाता। उन्होंने क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष टीम नियुक्त करने की भी मांग की है।
रात आठ बजे के बाद हवा में इतना धुआं भर जाता है कि घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। सुबह गले में खराश और आंखों में जलन होती है। प्रशासन को रात में इसकी जांच करानी चाहिए।- पवन यादव, निवासी, सेक्टर-52
सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नियमित रूप से कचरा नहीं उठाया जाता, जिससे जगह-जगह गंदगी जमा रहती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। नगर निगम को सफाई कर्मचारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।- रामू सैनी, निवासी, सेक्टर-52ए
रात के समय उठने वाला धुआं सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है। ऐसा लगता है जैसे आसपास कहीं रबर या कचरा जलाया जा रहा हो। बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी होती है। इसकी जांच जरूरी है।-दीपक कटारिया, निवासी, सेक्टर-52
हर साल सर्दियों और दिवाली के आसपास प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। कुछ दिन निगरानी और कार्रवाई होती है, फिर हालात पहले जैसे हो जाते हैं। प्रशासन को रात के समय नियमित मॉनिटरिंग कर स्थायी समाधान करना चाहिए।- सूरज मल यादव, निवासी सेक्टर-52यह भी पढ़ें- सोहना को मिलेगा 341 करोड़ का फ्लाईओवर, जाम से मुक्ति और विकास की नई रफ्तार