जीएमडीए ने बढ़ाया बल्क पेयजल आपूर्ति का शुल्क, निगम के खजाने पर बोझ
जीएमडीए ने बल्क वाटर सप्लाई की दरें बढ़ा दी हैं। बल्क आपूर्ति शुल्क में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। नया टैरिफ 10.5 रुपये प्रति किलो लीटर तय किया गया है।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: जीएमडीए (गुरुग्राम मेट्रोपालिटन डेवलपमेंट अथारिटी) ने बल्क वाटर सप्लाई की दरें बढ़ा दी हैं। बल्क आपूर्ति शुल्क में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। नया टैरिफ 10.5 रुपये प्रति किलो लीटर तय किया गया है। घरों और उद्योगों में सप्लाई किए जाने वाले दोनों कनेक्शनों के लिए बल्क जल आपूर्ति का शुल्क पहले 10 रुपये प्रति किलोलीटर था। मौजूदा शुल्क में वृद्धि होने पर उपभोक्ताओं को अब 10.50 रुपये प्रति किलोलीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा। संशोधित दरें इसी साल अप्रैल से लागू हो कर दी गई हैं।
उधर, बल्क वाटर सप्लाई शुल्क बढ़ाने से सीधे तौर पर निगम के खजाने पर बोझ पड़ेगा, क्योंकि निगम पानी का शुल्क जीएमडीए में तो जमा करवा रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं से इसकी वसूली नहीं हो पा रही है। जीएमडीए के अधिकारियों के मुताबिक पानी के रेट का 20 प्रतिशत सीवर शुल्क निर्धारित किया गया है। जिन बिल्डर सोसायटियों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगे हुए हैं, उनको शुल्क में 10 प्रतिशत छूट दी जा रही है।
बता दें कि जीएमडीए द्वारा शहर में बसई और चंदू बुढ़ेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से नहरी पेयजल की आपूर्ति की जाती है। खास बात ये है कि नगर निगम क्षेत्र में भी जीएमडीए द्वारा बल्क वाटर सप्लाई दी जाती है और घरों तक पेयजल पहुंचाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। बल्क वाटर सप्लाई के एवज में नगर निगम तथा अन्य बिल्डर सोसायटियों या कामर्शियल इमारत मालिकों से जीएमडीए बिल वसूलता है। इन दिनों शहर में 540 से 550 एमएलडी पेयजल आपूर्ति हो रही है। बल्क वाटर सप्लाई के हैं 615 कनेक्शन
जीएमडीए के रिकार्ड के मुताबिक शहर में बल्क पेयजल आपूर्ति के 615 कनेक्शन है। जीएमडीए नगर निगम, सोसायटियों, कमर्शियल बिल्डिग से पेयजल आपूर्ति की एवज में सालाना 180 से 190 करोड़ रुपये बिल वसूलता है। जीएमडीए द्वारा पेयजल आपूर्ति के एवज में हर माह नगर निगम को लगभग दस करोड़ और सोसायटियों तथा कमर्शियल इमारतों को पांच करोड़ रुपये के बिल भेजे जाते हैं। 50 प्रतिशत से ज्यादा बिलों की रिकवरी नहीं
नगर निगम जीएमडीए को हर महीने 10 करोड़ रुपये और सालाना 120 करोड़ रुपये पानी के बिलों का भुगतान करता है। जीएमडीए द्वारा पांच प्रतिशत शुल्क बढ़ाने के बाद अब यह सालाना 126 करोड़ रुपये हो गया है लेकिन नगर निगम 50 प्रतिशत से ज्यादा बिलों की रिकवरी नहीं कर पा रहा है। अब तक निगम में पानी के बिलों के लगभग 25 करोड़ रुपये ही जमा हुए हैं। जबकि शहर में लगभग 2.20 लाख कनेक्शन हैं, लेकिन सभी कनेक्शनों पर पानी के मीटर नहीं लगवा पाया है। - नए वित्त वर्ष में एक अप्रैल से बल्क पेयजल आपूर्ति का शुल्क बढ़ाने का प्रविधान है। बल्क आपूर्ति शुल्क में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। लेकिन बीच में कोरोना काल के दौरान रेट नहीं बढ़ाए गए थे।
अभिनव वर्मा, कार्यकारी अभियंता जीएमडीए।
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