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    कृषि योग्य जमीन पर धारा 7-ए लागू होने से किसानों को हो रही दिक्कत

    By JagranEdited By:
    Updated: Sun, 05 Jun 2022 07:04 PM (IST)

    प्रदेश सरकार की तरफ से गुरुग्राम जिले की कई तहसीलों में कृषि योग्य जमीन पर अर्बन एक्ट की धारा 7-ए लागू की गई है। इसके चलते कोई भी किसान अपनी जमीन को टुकड़ों में नहीं बेच सकता।

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    कृषि योग्य जमीन पर धारा 7-ए लागू होने से किसानों को हो रही दिक्कत

    जागरण संवाददाता, मानेसर: प्रदेश सरकार की तरफ से गुरुग्राम जिले की कई तहसीलों में कृषि योग्य जमीन पर अर्बन एक्ट की धारा 7-ए लागू की गई है। इसके चलते कोई भी किसान अपनी जमीन को टुकड़ों में नहीं बेच सकता। इससे किसानों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर किसानों की तरफ से केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पत्र भी लिखा जा चुका है और मौखिक रूप से भी कहा जा चुका है, लेकिन कोई हल नहीं निकला।

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    किसानों का कहना है कि यह डीटीपी विभाग की कमी है जिसके कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। अवैध कालोनी काटने से रोकने के लिए यह धारा लागू की गई है, मगर इसका खामियाजा गरीब किसानों को भुगतना पड़ रहा है, दूसरी तरफ अवैध कालोनियां भी कट रही हैं। इस धारा के तहत बिना डीटीपी की मंजूरी के एक एकड़ से कम जमीन की कोई भी रजिस्ट्री नहीं की जा सकती है। जिले में केवल फरुखनगर तहसील को इस धारा से बाहर रखा गया है।

    किसानों का कहना है जमीन किसान की वह पूंजी होती है जिसे किसान किसी भी आपात स्थिति में बेचकर अपना गुजर-बसर कर सकता है। किसी भी बीमारी या अन्य किसी आयोजन के लिए पैसे न होने पर किसान अपनी जमीन को बेचकर वह कार्य कर लेता है लेकिन अब किसानों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

    यह धारा केवल किसानों को परेशान करने के लिए लागू की गई है। आज भी कालोनियां काटी जा रही हैं। पूरे जिले में कालोनी काटने का कार्य किया जा रहा है। डीटीपी विभाग ने अपनी नाकामी को छिपाने के लिए किसानों को परेशान किया है। इसको जल्द ही हटाया जाना चाहिए।

    -वेद सिंह, किसान कोई भी किसान अपनी जमीन तक तब नहीं बेचता जब तक उसे मजबूरी न हो। अब मजबूरी में भी किसान अपनी जमीन नहीं बेच पा रहा है। अब किसान के सामने यह शर्त रखी गई है कि या तो जमीन को बेचो मत और अगर बेचनी है तो पूरी एक एकड़ जमीन बेचो। यह केवल तानाशाही है। किसानों को रोजाना परेशान होना पड़ रहा है।

    नरेश, किसान जमीन बेचने से रोकना गलत है। तानाशाही के कारण रोजाना किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब तक मजबूरी में किसान अपनी जमीन बेचकर कार्य करता है लेकिन अब यह धारा लगाकर पूरे तरीके से बांध दिया गया है। इस तरफ सरकार को ध्यान देना चाहिए।

    श्योसिंह, किसान

    कृषि योग्य जमीन पर अर्बन एक्ट की धारा लगाई गई है। इससे किसानों को दिक्कत हो रही है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े। आज जिले के सभी किसान परेशान हो रहे हैं।

    प्रताप सिंह, किसान