गुरुग्राम में CM नायब सैनी की कश्मीरी पंडितों को सौगात, 5.15 करोड़ रुपये ब्याज लौटाने का किया एलान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में माता लल्लेश्वरी जयंती पर कश्मीरी समाज के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने ...और पढ़ें

माता लल्लेश्वरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन करते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। जागरण
HighLights
माता लल्लेश्वरी स्मृति भवन हेतु भूमि आवंटन की घोषणा की।
कश्मीरी पंडितों को 5.15 करोड़ रुपये वापस करेगी हरियाणा सरकार।
गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने और विकास पर दिया जोर।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। माता लल्लेश्वरी की 705वीं जयंती एवं श्री राधाष्टमी के अवसर पर शनिवार को सेक्टर-58 स्थित बनी मंदिर गोशाला में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कश्मीरी समाज के लिए कई घोषणाएं कीं।
उन्होंने कहा कि माता लल्लेश्वरी की शिक्षाओं और कार्यों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनकी स्मृति में भवन निर्माण हेतु संस्था की ओर से आवेदन किए जाने पर नियमानुसार भूमि आवंटित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बहादुरगढ़ सेक्टर-दो में कश्मीरी पंडितों को आवंटित प्लाटों पर ईडीसी और इईडीसी के ब्याज की कुल 5.15 करोड़ रुपये की राशि वापस करने की भी घोषणा की। इसके अलावा बनी मंदिर गोशाला की अप्रोच रोड की री-कार्पेटिंग कराने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माता लल्लेश्वरी की शिक्षाएं आत्मज्ञान, प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देती हैं। संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
इसी उद्देश्य से संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के माध्यम से उनके विचार जन-जन तक पहुंचाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीरी समाज हरियाणा का अभिन्न हिस्सा है और उसकी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक विरासत का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में है।
हरियाणा में लगभग दो लाख कश्मीरी पंडित रह रहे हैं। उनके बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
उन्होंने पिछले 12 वर्षों में देश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35ए हटाने, चिनाब रेल पुल के निर्माण तथा विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों के विकास से देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिली है। उन्होंने केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकालेश्वर और कुरुक्षेत्र सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास का भी उल्लेख किया।
गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। बनी मंदिर गोशाला को वर्ष 2025-26 में चारे के लिए 9.24 लाख रुपये दिए गए हैं और करीब 18 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने गोशालाओं में सौर पैनल लगाने, बिजली की दर दो रुपये प्रति यूनिट करने और गौशाला निर्माण के लिए स्टांप शुल्क शून्य करने जैसे कदमों का उल्लेख किया। साथ ही गौशाला की अप्रोच रोड की री-कार्पेटिंग कराने की घोषणा की।
समारोह में मुख्यमंत्री ने माता लल्लेश्वरी पर आधारित गीत का पोस्टर जारी किया और मेधावी प्रतिभाओं को सम्मानित किया।
इस अवसर पर सोहना विधायक तेजपाल तंवर, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, गुड़गांव विधायक मुकेश शर्मा, पूर्व सांसद सुखबीर जोनपुरिया, हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन रामचंद्र कांबोज, आयोजन समिति के पदाधिकारी अमित रैना, अजय पंडित, पंकज धर, सतीश, वीरेंद्र, जिला सहित बनी मंदिर गोशाला प्रबंधन समिति और कश्मीरी समाज के गणमान्य व्यक्ति व बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
