जनगणना 2027 की तैयारी तेज, घर बैठे स्व-गणना का मिलेगा विकल्प; मोबाइल एप से दर्ज कर सकेंगे डिटेल्स
जनगणना-2027 का दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा। हालांकि नागरिक स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं, जिसका बाद में सत्यापन किया जाएगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
फरवरी 2027 से शुरू होगी घर-घर जनसंख्या गणना प्रक्रिया।
जनवरी से नागरिक स्व-गणना पोर्टल पर विवरण दर्ज कर सकेंगे।
गुरुग्राम में प्रवासी आबादी और झुग्गी बस्तियों पर विशेष ध्यान।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। जनगणना-2027 के दूसरे चरण में फरवरी 2027 से जनसंख्या गणना शुरू होगी। इससे पहले जनवरी से नागरिकों को घर बैठे स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार का विवरण दर्ज करने की सुविधा मिलेगी।
इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। स्व-गणना करने वाले परिवारों के विवरणों का भी सत्यापन किया जाएगा। जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से निर्धारित प्रश्नावली के तहत 40 सवाल पूछे जाएंगे।
स्व-गणना पोर्टल से खुद दर्ज कर सकते हैं जानकारी
उपायुक्त उत्तम सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियों के तहत जिले में प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नागरिक स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
इसके बाद प्रगणक घर जाकर विवरणों का सत्यापन करेंगे। गणना के बाद पुनरीक्षण भी होगा, ताकि छूटे हुए परिवारों और व्यक्तियों की पहचान करने के साथ दर्ज आंकड़ों की संभावित त्रुटियों को दूर किया जा सके।
मोबाइल एप से जुटेंगे आंकड़े
जनगणना की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। प्रगणक स्मार्टफोन पर उपलब्ध मोबाइल एप के जरिए आंकड़े दर्ज करेंगे। वहीं, जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली से कार्य की प्रगति और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
प्रश्नावली में जनसांख्यिकीय, सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक गतिविधियों, भाषा और प्रवास सहित विभिन्न विषयों से जुड़े 40 प्रश्न शामिल होंगे। इन आंकड़ों का उपयोग विकास योजनाएं बनाने और सार्वजनिक सुविधाओं की जरूरतों का आकलन करने में किया जाएगा।
प्रवासी आबादी पर रहेगा विशेष ध्यान
उत्तम सिंह ने बताया कि जिले में गणना ब्लाकों के अनुसार प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और आरक्षित कर्मियों की तैनाती की तैयारी की जा रही है। चार्ज अधिकारियों, मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स और गणना कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण में प्रश्नावली भरने, मोबाइल एप के उपयोग और जिम्मेदारियों की जानकारी दी जाएगी। गुरुग्राम में बहुमंजिला इमारतों, नए विकसित सेक्टरों, किराये के मकानों, झुग्गी बस्तियों और प्रवासी आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सुरक्षित रखी जाएगी व्यक्तिगत जानकारी
आरडब्ल्यूए से भी गणना कर्मियों का सहयोग करने की अपील की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की गणना सुनिश्चित करने के साथ आंकड़ों की शुद्धता और गोपनीयता बनाए रखना प्राथमिकता है।
जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के तहत नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखी जाएगी। प्रशासन लोगों को जागरूक करने और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए भी प्रयास करेगा।
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