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गुरुग्राम में जीएसटी इंस्पेक्टर रिश्वत लेते गिरफ्तार, नया रजिस्ट्रेशन देने के एवज में मांग रही थी 7 हजार रुपये

Published: Fri, 23 Oct 2026 05:52 PM (GMT+05:30)

हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुग्राम में जीएसटी विभाग की महिला इंस्पेक्टर श्रुति रानी को 7,000 रुपये ...और पढ़ें

एसीबी ने जीएसटी इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया। फोटो: एसीबी

एसीबी ने जीएसटी इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया। फोटो: एसीबी

HighLights

  1. महिला जीएसटी इंस्पेक्टर श्रुति रानी रिश्वत लेते गिरफ्तार।

  2. 7,000 रुपये की रिश्वत जीएसटी पंजीकरण के लिए मांगी गई थी।

  3. एसीबी गुरुग्राम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया में रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की गुरुग्राम यूनिट ने जीएसटी विभाग की महिला इंस्पेक्टर श्रुति रानी को सात हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

आरोप है कि कारोबारी की फाइल आगे बढ़ाने और जीएसटी पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी।

फाइल आगे बढ़ाने के लिए मांगी रिश्वत

एसीबी के अनुसार, एक स्थानीय कारोबारी ने अपनी फर्म के लिए नए जीएसटी नंबर को लेकर आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पंजीकरण से जुड़ी फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी।

कारोबारी ने संबंधित इंस्पेक्टर से संपर्क किया तो वेरिफिकेशन रिपोर्ट को मंजूरी देने और पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने के एवज में सात हजार रुपये मांगे गए। रिश्वत की मांग से परेशान कारोबारी ने एसीबी को लिखित शिकायत दी।

शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद एसीबी ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्रवाई की योजना बनाई। शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट देकर इंस्पेक्टर के पास भेजा गया।

जैसे ही उसने रिश्वत की रकम सौंपी और टीम को इशारा किया, अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर इंस्पेक्टर को पकड़ लिया। हाथ धुलवाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया। टीम ने सात हजार रुपये भी बरामद कर लिए।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज

एसीबी ने आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के तहत मामला दर्ज किया है। अब जांच में पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा सकती है।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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