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    डीएलएफ इलाके के रख-रखाव शुल्क में इजाफा

    By JagranEdited By:
    Updated: Mon, 10 Apr 2017 07:08 PM (IST)

    संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम : नए वित्तीय वर्ष से डीएलएफ प्रबंधन ने इलाके में वसूले जाने वाले रख-र

    डीएलएफ इलाके के रख-रखाव शुल्क में इजाफा

    संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम : नए वित्तीय वर्ष से डीएलएफ प्रबंधन ने इलाके में वसूले जाने वाले रख-रखाव शुल्क में इजाफा कर दिया। डीएलएफ फेज एक से चार में लोग मेंटेनेंस के लिए इस शुल्क की अदायगी करते हैं। अब तक यह शुल्क 2.50 प्रति वर्ग गर्ज था जिसे बढ़ाकर 3.50 प्रति वर्ग गज कर दिया गया है।

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    डीएलएफ ने भले ही इस शुल्क में इजाफा कर दिया है लेकिन लोग बिल्डर की सुविधाओं से बिल्कुल भी खुश नहीं है। लोगों की मानें तो पिछले दो दशक से डीएलएफ में सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है। इसी प्रकार बिजली-पानी के इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी अपग्रेडेशन नहीं हुआ है। हर साल गर्मियों में लोगों को पानी के लिए चार महीने टैंकरों पर निर्भर होना पड़ता है। इस शुल्क के बढ़ने की जानकारी सोमवार को डीएलएफ सिटी आरडब्ल्यूए के महासचिव सुधीर कपूर के माध्यम से लोगों को दी गई जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि 2017-2018 वित्तीय वर्ष से रख-रखाव शुल्क 3.50 प्रति वर्ग गज प्रति माह कर दिया गया है। इसके अलावा पानी के लिए 90 पैसे प्रति वर्ग गज लोगों को अलग से देने होते हैं। अब कुल रख-रखाव शुल्क लोगों को लगभग 4.50 प्रति वर्ग प्रति महीने पड़ेगा।

    डीएलएफ फेज एक से चार एक नजर में

    डीएलएफ फेज एक से चार लगभग 1450 एकड़ में फैला हुआ है। यहां लगभग 14000 प्लॉट हैं और डेढ़ लाख की आबादी बसी है। नगर एवं योजनाकार विभाग ने इसे 1981 में लाइसेंस देकर कालोनी विकसित करने की अनुमति दी थी।

    सुरक्षा व्यवस्था लचर

    भले ही डीएलएफ ने रख-रखाव शुल्क में वृद्धि कर दी हो लेकिन सुविधाओं का आलम अभी भी वहीं है। सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। यदि पिछले छह महीनों में यहां के थानों का रिकार्ड उठा लिया जाए तो दर्जनों मुकदमे चोरी और झपटमारी के दर्ज हुए हैं।

    ये सुविधाएं आती हैं रख-रखाव शुल्क में

    सड़कों की मरम्मत, ड्रेनेज व सीवरेज व्यवस्था, पार्कों व ग्रीन बेल्ट का रख-रखाव, स्ट्रीट लाइट, बाउंड्री वॉल, सुरक्षा गार्डों की तैनाती, खाली प्लॉटों की सफाई, बिजली-पानी से संबंधित शिकायतें आदि सुविधाएं रख-रखाव मुहैया करानी होती हैं।