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    वायरल सुसाइड नोट पर उठे सवाल, दुड़ाराम का स्टाफ बोला, इतना पढ़ा लिखा नहीं है सुभाष, फेसबुक स्टोरी किसने हटाई, ये भी जांच का विषय

    By JagranEdited By:
    Updated: Sat, 23 Jul 2022 10:55 PM (IST)

    अमित रूखाया फतेहाबाद फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम के ड्राइवर सुभाष टोपी द्वारा जहर प

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    वायरल सुसाइड नोट पर उठे सवाल, दुड़ाराम का स्टाफ बोला, इतना पढ़ा लिखा नहीं है सुभाष, फेसबुक स्टोरी किसने हटाई, ये भी जांच का विषय

    अमित रूखाया, फतेहाबाद : फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम के ड्राइवर सुभाष टोपी द्वारा जहर पीकर आत्महत्या करने की कोशिश मामले में अब कई सवाल खड़े हो गए हैं। विधायक के स्टाफ की मानें तो सुभाष ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था तो इतना बड़ा सुसाइड नोट उसने कैसे लिख लिया। इसके अलावा सुसाइड नोट की लिखावट और नीचे सुभाष के हस्ताक्षर की लिखावट में भी फर्क साफ तौर पर दिख रहा है। ऐसे में ये भी जांच का विषय है कि किसने सुसाइड नोट लिखा और सुभाष के हस्ताक्षर करवाए। सूत्रों की मानें तो पुलिस विभाग ने इस मामले में अभी से जांच भी शुरू कर दी है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि पहले सुभाष के साइन करवाए गए हों और बाद में सुसाइड नोट तो नहीं लिखा गया।

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    फेसबुक स्टोरी पर किसने सुसाइड नोट लगाया, किसने हटाया, ये भी जांच का विषय सुभाष की फेसबुक स्टोरी पर सुसाइड नोट लगाया गया। ऐसे में अगर सुभाष को सुसाइड नोट वायरल ही करना होता तो वो उसे फेसबुक पोस्ट पर लगाता जहां से उसे और लोग शेयर कर सकते थे। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। फेसबुक स्टोरी पर सुसाइड नोट को लगाया गया और जब मामला एक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया तो फेसबुक स्टोरी से सुसाइड नोट को हटा लिया गया। ऐसे में सुभाष का फेसबुक अकाउंट कौन हैंडल कर रहा था, इस पर भी पुलिस को जांच करनी होगी। ये आरोप लगाए गए है सुसाइड नोट में विधायक के ड्राइवर सुभाष टोपी द्वारा सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के अनुसार उसने अपने घर की किस्त के लिए बैंक से सात लाख रुपये का लोन लिया था। जिसकी हर माह दस हजार रुपये की किस्त जाती थी। उसने सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि इस बीच बैंक से उसे फोन आया कि कुछ किस्तें उसे जल्दी भरनी होंगी जिसके चलते वो परेशान हो गया। इसके बाद उसने अपनी परेशानी विधायक के निजी सचिव को बताई तो उसने और उसके साथीने कहा कि वो उसकी परेशानी हल करवा देगा। अगर उसके पास नौकरी वाले कुछ कैंडिडेट हों तो। इस पर सुभाष ने अपनी जानकारी के तीन लोगों से तीन-तीन लाख रुपये लेकर राजबीर को दे दिए लेकिन लिस्ट में नाम नहीं आए। इस पर जब उसने पैसे वापिस मांगे तो विधायक का निजी सचिव और उसके साथी पैसे देने से आनाकानी कर रहे हैं। उसने इस सुसाइड नोट में विधायक से भी आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उसने लिखा है कि इसी परेशानी चलते परेशान होकर सुसाइड कर रहा हूं।

    सुभाष पर निर्भर आगे का मसला, बयान से पलटा तो ही पीए व साथियों को राहत, अन्यथा बढ़ेंगी मुश्किलें ये मामला अब पूरी तरह से अस्पताल में उपचाराधीन सुभाष के बयान पर आकर टिक गया है। रविवार सांय तक सुभाष के बयान होने की संभावना है। अगर अपने बयानों में सुभाष सुसाइड नोट के बयान से पलट जाता है तो पीए व दो अन्य आरोपितों को इस मामले में राहत मिल सकती है। ऐसा ना होने पर आरोपितों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों की मानें तो इस दिशा में समझौते के प्रयास भी शुरू हो गए हैं।

    पिछले दस साल से विधायक का ड्राइवर है सुभाष सुसाइड करने की कोशिश करने वाला ड्राइवर सुभाष विधायक दुड़ाराम का निजी ड्राइवर है और पिछले दस सालों से विधायक की गाड़ी चला रहा है। ऐसे में उसके द्वारा ऐसा कदम उठाना बड़ी बात मानी जा रही है। सुभाष को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में ले जाया गया है जहां पर हालत बेहतर है लेकिन अभी वो बेहोश है। उसके होश में आने के बाद ही इस बारे में बात साफ हो पाएगी कि आखिर मामला क्या हुआ है। उधर विधायक दुड़ाराम इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। 'मुझपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। इस मामले में मुझे ऐसा लग रहा है कि सुभाष के फोन के साथ किसी ने शरारत की है।' राजबीर, विधायक के सचिव

    'इस बारे में जानकारी मिलते ही अस्पताल में गए थे सुभाष का बयान लेने के लिए। लेकिन अभी वो बेहोश है और बयान देने में असमर्थ है। फिलहाल एक टीम को अस्पताल में तैनात किया गया है। जैसे ही उसे होश आएगा, उसके बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।'

    ओमप्रकाश चुघ, सिटी एसएचओ, फतेहाबाद ।