अमित रूखाया, फतेहाबाद : प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी से जूझ रहे शिक्षा विभाग ने अब एक अनूठा प्रयोग करने का फैसला लिया है। अब कक्षा में अध्यापक के नहीं होने पर बच्चों की पढ़ाई नहीं रूकेगी। उनकी पढ़ाई जारी रहेगी और बकायदा रिवीजन भी होगी। दरअसल शिक्षा विभाग ने प्राइमरी कक्षाओं के लिए एक विशेष डिवाइस तैयार करवाई है। फिलहाल इस डिवाइस अंकनाद को माडल संस्कृति स्कूलों में इस्तेमाल किया जाएगा। अगर ये यहां प्रयोग सफल रहा तो इसे बाकी सरकारी स्कूलों में भी प्रयोग किया जाएगा। इसे आधुनिक शिक्षा के प्रयोग के साथ सरकारी स्कूलों में लगातार घटती अध्यापकों की संख्या के साथ भी जोडक़र देखा जा रहा है। अभी इसे प्रदेश के सभी जिलों के 18-18 माडल संस्कृति स्कूलों में भेजा गया है। फतेहाबाद में पंचायत चुनाव के बाद इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी।

इस तरह करेगा काम

अंकनाद नाम की इस डिवाइस को प्राइमरी कक्षाओं में लगाया जाएगा और अध्यापक के ना होने की सूरत में प्रिंसिपल इस डिवाइस को आन कर देगा। जिसके बाद डिवाइस के साथ अटैच स्पीकर से कक्षा के चैप्टर के अनुसार पढ़ाई शुरू करवा देगा। इस डिवाइस के जरिये पहाड़े, गिनती और देशभक्ति के गाने भी सिखाए जाएंगे। इतना ही नहीं, इसके आप्शन के साथ चैप्टर के रिवीजन को लेकर भी बच्चों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। विभाग की एक विशेष टीम भविष्य में इस डिवाइस अंक नाद से होने वाले नफा-नुक्सानों का जायजा लेगी। अगर शिक्षा विभाग की उम्मीदों पर ये डिवाइस खरी उतरी तो इसे प्राइमरी से आठवीं कक्षा तक शिफ्ट करने पर विचार किया जाएगा।

---अंकनाद डिवाइस को माडल संस्कृति स्कूलों में लगाने का काम शुरू हो चुका है। इससे कक्षा में अध्यापक के नाम पर होने पर भी बच्चों को गिनती, पहाड़े सहित चैप्टर की पढ़ाई भी करवाई जा सकेगी। इसके लिए स्कूल के प्रिंसिपल इस डिवाइस को आन करना पड़ेगा। फिलहाल पंचायत चुनाव के बाद इसकी ट्रेनिंग होगी।

रमेश कुमार , जिला गणित विशेषज्ञ, फतेहाबाद

Edited By: Manoj Kumar

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