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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मौसम का पड़ने लगा सेहत पर असर, अस्पतालों में बढ़े डायरिया और बुखार के मामले; बरतें ये सावधानियां

Published: Sun, 22 Jun 2025 03:21 PM (IST)Updated: Sun, 22 Jun 2025 03:27 PM (IST)

पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव के कारण फरीदाबाद में बुखार, डायरिया और सांस संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ ...और पढ़ें

डायरिया और बुखार से पीड़ित मोनिका। फोटो- जागरण


डायरिया और बुखार से पीड़ित मोनिका। फोटो- जागरण

जागरण संवाददाता, फारदाबाद। पिछले चार-पांच दिनों से मौसम में बदलाव नजर आ रहा है। हल्की बूंदाबांदी, वर्षा तो कभी तेज धूप निकल रही है। ऐसे में मौसम का सेहत पर असर पड़ने लगा है। बुखार, डायरिया, सिर दर्द, पेट तथा सांस संबंधी तकलीफ के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सेहत के मामले में सावधानी बरतने की जरूरत है। रविवार को अधिकतम 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिला नागरिक बादशाह खान अस्पताल के आपातकालीन विभाग में 24 घंटे में विभिन्न बीमारियों के 180 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन अलग-अलग बीमारियों के लगभग 2400 मरीज आ रहे हैं।

केस स्टडी- सीकरी निवासी मुकेश कुमार की बेटी उमंग को बुखार व डायरिया होने पर तीन दिन पहले भर्ती कराया गया था। ऐसे ही वरुण का भी यहां अस्पताल में बुखार का इलाज चल रहा है। चक्कर आने व डायरिया होने पर राहुल कॉलोनी निवासी मोनिका तथा दो नंबर निवासी वरिष्ठ नागरिक अजय को सांस की तकलीफ होने पर इलाज चल रहा है।  जब तापमान तेजी से बढ़ता है तो ऐसे में बच्चों, बड़ों और बुज़ुर्गों के लिए आहार के मामले में विशेष ध्यान देना चाहिए।

 

आहार का रखें खास ख्याल

  • दही, छाछ और नारियल पानी पीयें।
  • हल्का खाना बेहतर रहता है।
  • खिचड़ी, दलिया और उबली सब्जियां उपयोगी है।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, साथ ही बाहर निकलते समय हल्के सूती कपड़े पहनें।
  • बच्चों को ऐसे खाद्य पदार्थ देने चाहिए, जिससे ऊर्जा र्जा मिले।
  • ताजा और हल्का खाना खाएं।

 

 

 

हमारे पास पर्याप्त मात्रा में दवाएं और ग्लूकोज उपलब्ध हैं। अगर कभी डायरिया या पेट संबंधी अन्य कोई तकलीफ हो तो अपनी मर्जी से दवा न लें। सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र आकर निश्शुल्क इलाज कराएं। लोग खानपान के मामले में जागरूक रहें।

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- डॉ. विकास गोयल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक बादशाह खान अस्पताल

बहुत सी महिलाएं खानपान पर ध्यान नहीं देती हैं। ऐसे में महिलाओं में रक्त की कमी हो जाती है। आहार सही न होने के कारण रोगों से लड़ने की क्षमता घटती जाती है। इन कारणों से ऐसे महिलाओं में बुखार और पेट संबंधी रोग जल्दी पनपने हैं। खानपान पर ध्यान देकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।

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  • डॉ. रीति अग्रवाल, महिला रोग विशेषज्ञ