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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'छोटी उम्र विवाह से रुक सकता है कन्या का विकास, हो सकती हैं गंभीर बीमारियां'

By Amit MishraEdited By:
Published: Fri, 24 Feb 2017 01:44 PM (IST)Updated: Fri, 24 Feb 2017 01:54 PM (IST)

किशोरियों के माता-पिता को समझाया कि छोटी उम्र में विवाह करने से कन्या का विकास रुक सकता है और उसे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

'छोटी उम्र विवाह से रुक सकता है कन्या का विकास, हो सकती हैं गंभीर बीमारियां'
'छोटी उम्र विवाह से रुक सकता है कन्या का विकास, हो सकती हैं गंभीर बीमारियां'

फरीदाबाद [जेएनएन]। बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी ने दो किशोरियों को बालिका वधु बनने से बचा लिया। शादी से एक दिन पहले वह उनके घर पहुंच गई और उनके माता-पिता को 18 साल की उम्र से पहले उनकी शादी न करने के लिए राजी किया। साथ ही उनके माता-पिता को बाल विवाह से होने वाले नुकसान और सजा की भी जानकारी दी।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने बताया कि बुधवार को उन्हें जानकारी हुई कि सदर बल्लभगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 वर्षीय किशोरी की शादी के लिए तैयारी की जा रही है। बृहस्पतिवार को बारात आनी थी। वहीं मुजेसर थाना क्षेत्र की 15 वर्षीय किशोरी की शादी की बाद भी उन्हें पता चला। दोनों जगह वह स्थानीय पुलिस को साथ लेकर पहुंची। उन्होंने किशोरियों के माता-पिता को समझाया कि छोटी उम्र में विवाह करने से कन्या का विकास रुक सकता है और उसे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

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परिजनों ने ना-नुकुर की तो उन्होंने बाल विवाह कराने वालों के लिए सजा के प्रावधान की जानकारी दी। इस पर परिजनों ने बारात आने पर सामाजिक बेइज्जती की विवश्ता जाहिर की। हेमा कौशिक ने वर पक्ष के लोगों से बात कर उन्हें बारात नहीं लाने के लिए राजी कर लिया। 

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