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    'मेरे देश की धरती...', हरियाणा के इस गांव में हुई थी 'उपकार' फिल्म के दो गानों की शूटिंग, मनोज कुमार का था गहरा नाता

    Updated: Sat, 05 Apr 2025 01:21 PM (IST)

    मनोज कुमार का फरीदाबाद के अटाली गांव से गहरा नाता था। 1967 में आई फिल्म उपकार के दो कालजयी गानों की शूटिंग यहीं हुई थी। ग्रामीणों ने यूट्यूब पर गीतों को देखकर यादें ताजा कीं। मनोज कुमार की देशभक्ति पर केंद्रित फिल्मों को याद किया। जब मनोज कुमार के निधन की सूचना आई तो स्थानीय ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई।

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    मनोज कुमार का अटाली गांव से नाता, उपकार के गानों की शूटिंग की यादें ताजा।

    सुशील भाटिया, फरीदाबाद। देशभक्ति से परिपूर्ण फिल्में बनाने के लिए प्रसिद्ध और इस कारण से भरत कुमार के उपनाम से भी विख्यात हुए मनोज कुमार का औद्योगिक जिले के अटाली गांव से भी गहरा संबंध रहा। शुक्रवार को जब मनोज कुमार के निधन की सूचना आई तो स्थानीय ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई। गहरा संबंध यह कि वर्ष 1967 में बनी फिल्म उपकार के दो कालजयी गाने मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती और कसमें वादे प्यार वफा सब बातें हैं बातों का क्या, यह अटाली गांव के खेतों में फिल्माए गाए थे।

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    तब फिल्म की पूरी यूनिट जिसमें अभिनेता व निर्देशक मनोज कुमार, महान अभिनेता प्राण, आशा पारेख, चरित्र अभिनेता सीएस दूबे, असित सेन, मनमोहन कृष्ण सहित अन्य कई कलाकारों ने कई दिनों तक अटाली में डेरा डाला था।

    मेरे देश की धरती... ब्रिकभान के खेत में हुआ था फिल्मांकन

    महेंद्र कपूर द्वारा गाए गीत, गुलशन कुमार मेहता द्वारा रचित गीत और कल्याणजी-आनंदजी के संगीत निर्देशन में तैयार हुए गीत मेरे देश की धरती... के स्थानीय किसान ब्रिकभान के खेत में फिल्मांकन के समय बैलों के गले में बंधे घुंघरू, रहट की आवाज, फसल काटते सहायक कलाकार सब आज भी उस समय शूटिंग देखने वाले स्थानीय ग्रामीणों शेर सिंह, पूर्व सरपंच प्रहलाद सिंह को याद है। 

    गढ़ी पर चढ़ कर अभिनेता प्राण ने सूर्य देव को पानी दिया

    महान शास्त्रीय गायक मन्ना डे की आवाज में अमर हुआ गीत कसमें वादे प्यार वफा सब...जो दादा साहब फाल्के अवार्ड से विभूषित प्राण साहब पर फिल्माया गया था, उसमें तब खेत में बना एक मंदिर भी नजर आता है, जिसके गुबंद पर ऊं और श्रीराम लिखा हुआ था, वह मंदिर आज भी खेतों में स्थित है, हालांकि 58 वर्ष पूर्व जब मंदिर दिखाया गया था, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा नजर आती है, उस मंदिर को बाद में ग्रामीणों ने विस्तार दे दिया था। गांव में राजाओं की गढ़ी आज भी मौजूद है, इस गढ़ी पर चढ़ कर अभिनेता प्राण ने सूर्य देव को पानी दिया था।

    ग्रामीणों ने यूट्यूब पर गीत को बार-बार देखकर यादें ताजा की

    सोमवार को जब मनोज कुमार के निधन की सूचना आई तो स्थानीय ग्रामीणों ने इन दोनों गीतों को यूट्यूब पर बार-बार देख कर यादें ताजा की और अपनी देशभक्ति पर केंद्रित फिल्मों उपकार, पूरब और पश्चिम, क्रांत सहित रोटी, कपड़ा और मकान, सन्यासी जैसी के जरिए समाज में योगदान देने वाले इस अभिनेता को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

    जब उपकार फिल्म के गीतों की यहां शूटिंग हुई थी, तब मैं 19 वर्ष का था। वह सारी यादें आज भी ताजा है। मनोज कुमार, आशा पारेख, प्राण साहब ने तब खूब घुलते मिलते हुए ग्रामीणों संग एक चारपाई पर बैठ कर मोटे अनाज से बने पकवान, जिसमें मक्का की रोटी, चना की सब्जी आदि खूब शौक से खाए थे। जब फिल्म रिलीज हुई थी, तब ग्रामीणों ने यह फिल्म सिनेमा हाल में जाकर कई बार देखी थी। - शेर सिंह, ग्रामीण अटाली

    जब फिल्म की शूटिंग हुई थी, तब मैं बीए फाइनल में पढ़ रहा था। आज जिस तरह से फिल्म अभिनेता अपने प्रशंसकों से दूर भागते हैं, तब मनोज कुमार, आशा पारेख, प्राण आदि ने ऐसा नहीं किया था। यह सब सामान्य वेशभूषा में और बिना सुरक्षा के रहे थे। ग्रामीणों ने उन्हें पूरा सहयोग दिया था। रहट से पानी निकालते हुए वाला दृश्य ब्रिकभान के कुआं पर ही शूट किया गया था। मनोज कुमार के जरिए हमारा अटाली गांव भी सदियों तक याद किया जाता रहेगा। दिवंगत अभिनेता को हम श्रदासुमन अर्पित करते हैं। - प्रहलाद सिंह, पूर्व सरपंच, अटाली