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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीने में गोली लगने के बावजूद इस शख्स ने तय किया 50 km का सफर, जानें- पूरा मामला

By JP YadavEdited By:
Published: Fri, 01 Nov 2019 10:11 AM (IST)Updated: Fri, 01 Nov 2019 10:41 AM (IST)

दिल्ली के अस्पताल में उपचाराधीन नीरज की सीटी स्कैन की रिपोर्ट में सामने आया कि गोली नीरज के सीने में लगी है। डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन नहीं किया है।

सीने में गोली लगने के बावजूद इस शख्स ने तय किया 50 km का सफर, जानें- पूरा मामला
सीने में गोली लगने के बावजूद इस शख्स ने तय किया 50 km का सफर, जानें- पूरा मामला

नई दिल्ली/फरीदाबाद [प्रवीन कौशिक]। जिंदगी कितनी प्यारी होती है, यह नीरज के साथ हुए हादसे से पता चलता है। शराब के नशे में नीरज को किसी ने गोली मार दी और नशे में ही नीरज जान बचाने के लिए करीब पचास किलोमीटर का रास्ता तय कर फरीदाबाद से दिल्ली पहुंचा। फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल के पास दीनदयाल अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है।

सीने में लगी है गोली

वहीं, उपचाराधीन नीरज की सीटी स्कैन की रिपोर्ट में सामने आया कि गोली नीरज के सीने में लगी है। डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन नहीं किया है। इसकी वजह यह है कि उन्हें डर है कि ऑपरेशन के दौरान नीरज की जान पर खतरा हो सकता है। हालांकि, नीरज की जान बचान के लिए उसका ऑपरेशन डॉक्टरों को आखिरकार करना ही पड़ेगा, लेकिन स्वास्थ्य और जान के जोखित को देखते हुए हालात के मद्देनजर फैसला लिया जाएगा।

प्रिंटिंग प्रेस में काम करता है पीड़ित

दिल्ली में टी-शर्ट प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले नीरज को उसके मालिक राजू ने दिवाली के दिन यानी 27 अक्टूबर को फरीदाबाद चलने को कहा। मकसद था, दिवाली सेलिब्रेट करना, खाना-पीना और मजे करना। राजू, नीरज और राजू का मित्र विशाल रात में ही फरीदाबाद पहुंच गए।

विवाद के चलते मारी गोली

फरीदाबाद में ही नंगला एन्क्लेव पार्ट दो में राजू का साढू यशपाल रहता है। यशपाल के घर के सामने ही एक खाली प्लॉट है। प्लॉट के बगल में शराब का ठेका है। वहीं से शराब खरीदकर नीरज, राजू और विशाल ने मदिरापान किया। नीरज के पिता बनारसी लाल ने बताया कि शराब पीने के दौरान राजू व नीरज के बीच पैसे को लेकर कहासुनी हो गई। राजू, विशाल व यशपाल में से किसी ने नीरज के सीने में गोली मार दी।

वहीं, गोली लगते ही नीरज मदद के लिए इधर-उधर भागने लगा। नशे में होने और घायल होने की वजह से काफी देर तक कोई मदद को आगे नहीं आया। इस दौरान नीरज के शरीर से लगातार खून बहता रहा।

इस दौरान नीरज लगातार सड़क पर लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा। इस बीच एक बाइक सवार ने उसे हाईवे तक पहुंचाया और वहां से नीरज ऑटो के जरिेय बदरपुर बॉर्डर तक आया। इसके बाद बदरपुर बॉर्डर से एक ऑटो 500 रुपये में बुक कर वह अपने घर (गांव ख्याला) दिल्ली पहुंचा। तब सुबह के 6 बज रहे थे। इसके बाद नीरज को अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने गुरुवार तक सीने में फंसी गोली नहीं निकाली। डॉक्टरों को डर है कि ऑपरेशन करने में नीरज की जान का खतरा हो सकता है।

लगी थी गोली, 4 साल बाद निकले 97 छर्रे

विशेषज्ञ डॉक्टरों की मानें तो नीरज की जान बच सकती है। इससे पहले पिछले साल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था, जिसमें गोली लगने के चार साल बाद एक शख्स के शरीर से 97 छर्रे निकाले गए थे। 27 साल के इस शख्स को तब गोली लगी थी जब वह सो रहा था, लेकिन गोली ने उसके हृदय और फेफड़ों समेत किसी अंग को नुकसान नहीं पहुंचाया। दअसल, मुरादाबाद के रहने वाल आऱिफ को तब गोली लग गई थी जब वह अपने घर पर सोए थे। दरअसल, छर्रों की वजह से सीने की हड्डी में संक्रमण हो गया था और घाव से मवाद निकलने लगा था। इसके बाद उन्होंने इसका इलाज कराने की ठानी

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