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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Faridabad News: चेहते ठेकेदार नहीं खा पाएंगे मलाई, अब एजेंसी को दिया जाएगा टेंडर लगाने का काम

Published: Mon, 30 Jun 2025 12:20 PM (IST)

फरीदाबाद नगर निगम टेंडर प्रक्रिया को प्राइवेट एजेंसी को सौंपने जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरुआती तीन ...और पढ़ें

फरीदाबाद नगर निगम मुख्यालय। फोटो सौजन्य- जागरण आर्काइव
फरीदाबाद नगर निगम मुख्यालय। फोटो सौजन्य- जागरण आर्काइव

HighLights

  1. नगर निगम में तीन महीने के पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की जाएगी प्रक्रिया
  2. पंचकूला, गुरुग्राम और अंबाला में भी प्राइवेट एजेंसी के जरिए ही लगाए जा रहे टेंडर

दीपक पांडेय, फरीदाबाद। नगर निगम के अधिकारी अब अपने चेहते ठेकेदारों का टेंडर प्रक्रिया में फेवर नहीं कर पाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि निगम की ओर से टेंडर लगाने का काम प्राइवेट एजेंसी को दिया जा रहा है।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू में तीन माह के लिए यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रदेश में तीन जिलों में पहले से ही यह योजना चल रही है। जिसमें पंचकूला, गुरुग्राम और अंबाला शामिल है। अगर तीन माह योजना पूरी तरह से सफल रही तो निगम आगे इसको नियमित रखेगा।

निगम में आए दिन टेंडर प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों पर पक्षपात करने के आरोप लगते हैं। ओल्ड फरीदाबाद के पूर्व कार्यकारी अभियंता को तो टेंडर की जानकारी लीक पर सस्पेंड तक कर दिया गया था।

इस पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए जिसमें एक ही ठेकेदार को लगातार निगम की ओर से टेंडर जारी किए गए। 200 करोड़ के घोटाले में भी आराेपी सतवीर ठेकेदार को भी बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र में वर्कआर्डर जारी कर दिए गए थे। बाहरी एजेंसी को टेंडर का काम देने से पारदर्शिता भी आएगी।

अभी टेंडर लगाने के लिए निगम में केवल चार ऑपरेटर 

अभी टेंडर लगाने के लिए जिले में केवल चार ही आपरेटर है। यह चार ऑपरेटर की अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र में टेंडर के विकास कार्याें का टेंडर लगाने का काम करते हैं। ऐसे में वर्कलोड अधिक होने से काम की गति भी धीमी होती है।

अब प्राइवेट एजेंसी को काम देने से विकास कार्याें की गति में भी तेजी आएगी। निगम के अनुसार एजेंसी से अनुबंध करते हुए यह भी शर्त रखी जाएगी कि वह टेंडर या अन्य कोई जानकारी किसी भी ठेकेदार के साथ पहली ही सांझा नहीं करेगी।

टेंडर लगाने का काम निगम के कर्मचारियों के पास ही रहना चाहिए। प्राइवेट एजेंसी पर अधिक भरोसा नहीं किया जा सकता है। इससे पहले निगम कूड़ा और प्रापर्टी आइडी सर्वे को लेकर प्राइवेट एजेंसी पर भरोसा जता चुका है। लेकिन उसके परिणाम खराब निकले हैं।

- मनोज नासवा, पार्षद, वार्ड-16

टेंडर में धांधली के मामले आए दिन सामने आते हैं। ऐसे में पारदर्शिता बरतने के लिए अगर टेंडर लगाने का काम प्राइवेट एजेंसी को दिया जा रहा है तो यह ठीक कदम है। इसके परिणाम तो आने वाले समय में भी पता लगेंगे

- गिरिराज, प्रधान, कान्ट्रेक्टर वेलफेयर फरीदाबाद नगर निगम

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तीन माह के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई है। उम्मीद है कि इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे। इससे पहले भी तीन अन्य जिलों में टेंडर आउटसोर्स एजेंसी की ओर से लगाए जा रहे हैं।

- नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम