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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Crime: कॉल करने के लिए मांगा मोबाइल, नहीं देने पर DTC बस ड्राइवर को चलती ट्रेन से दिया धक्का

By Jagran NewsEdited By: Sonu Suman
Published: Sun, 01 Jun 2025 08:09 PM (IST)

पलवल से ओखला जा रही डीटीसी बस के ड्राइवर दीपक को बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से चलती ट्रेन से ...और पढ़ें

कॉल करने के लिए मांगा मोबाइल, नहीं देने पर बस ड्राइवर को चलती ट्रेन से दिया धक्का।
कॉल करने के लिए मांगा मोबाइल, नहीं देने पर बस ड्राइवर को चलती ट्रेन से दिया धक्का।

HighLights

  1. पलवल से ओखला जा रही DTC बस |
  2. ट्रेन में लूटपाट, ड्राइवर को फेंका |
  3. GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू |

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। पलवल से ओखला जा रहे डीटीसी के बस ड्राइवर को लूटपाट की नीयत से ट्रेन में चढ़े बदमाशों ने चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। दीपक नाम का बस ड्राइवर इसमें घायल हो गया। मामला 29 मई का है, पर इसकी शिकायत राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को अब दी गई है। जीआरपी ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित दीपक ने बताया वह नूंह के गांव छछेड़ा का रहने वाला है। डीटीसी कालका डिपो में बस ड्राइवर की नौकरी करता है और प्रतिदिन दिल्ली से पलवल आवागमन करता है। 29 मई की रात को पलवल रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने वाली ईएमयू में बैठा था। डिब्बे में पहले से छह-सात महिला और पुरुष यात्री बैठे हुए थे। इस दौरान चार युवक और चढ़े और जब बल्लभगढ़ के पार ट्रेन पहुंची तो युवकों ने काल करने के लिए मोबाइल मांगा। नहीं देने पर मोबाइल और पर्स छीन लिया।

दीपक को शरीर में कई चोट लगी

पर्स में आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और करीब 5800 रुपये थे। उसने जब मोबाइल और पर्स वापस मांगा तो चारों बदमाशों ने चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। गनीमत यह रही कि ट्रेन की रफ्तार धीमी थी। दीपक को शरीर में कई चोट लगी। दीपक के अनुसार रात का समय था, तो वह ट्रैक किनारे ही पड़ा रहा, क्योंकि वह उठ नहीं सकता था और मोबाइल बदमाश ले गए थे। अगले दिन किसी की नजर पड़ी और फिर दीपक के स्वजन को सूचना दी गई।

पुलिस मामले की कार्रवाई में जुटी

दीपक को बादशाह खान अस्पताल भर्ती कराया गया। उधर जीआरपी थाना प्रभारी के अनुसार मामला कुछ संदिग्ध सा लग रहा है। पीड़ित कह रहा है कि वह रात भर ट्रेक पर बैठा रहा था, इस दौरान मदद के लिए किसी को आवाज भी लगा सकता था। जिस क्षेत्र की घटना है वहां से सुबह शाम नौकरी पेशा वाले लोग निकलते हैं। अगले दिन भी शाम चार बजे उसके स्वजन पहुंचे। मामले की जांच की जा रही है, उसी अनुसार कार्रवाई होगी।