प्रवीन कौशिक, फरीदाबाद : इरादे मजबूत हों और नीयत साफ हो तो मंजिल मिल ही जाती है। पर्यावरण व जल संरक्षण की दिशा में काम कर रही सेव अरावली ट्रस्ट के मजबूत इरादों ने एक और मंजिल की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। शहर में पहली बार कोई ट्रस्ट चंदे के बल पर सीवर के पानी को साफ करने का सिस्टम खड़ा कर रहा है। सैनिक कालोनी के सामने ग्रीनबेल्ट पर काफी हद तक इस योजना पर काम पूरा हो चुका है, बस पानी को साफ करना रह गया है। सीवर के साफ हुए पानी से 60 हजार से अधिक पौधों की सिचाई की जाएगी। ट्रस्ट पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार काम कर रहा है। इसलिए पूरे साल पानी की बहुत आवश्यकता होती है। ऐसे काम करेगा पानी साफ करने का सिस्टम

सेव अरावली ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य जितेंद्र भडाना व कैलाश बिधूड़ी के अनुसार सैनिक कालोनी की ग्रीनबेल्ट में तीन छह-छह फुट गहरे गड्ढे किए गए हैं। यहां तक सीवर का पानी पहुंचाने के लिए मिट्टी की नाली बनाई जा रही है। इस नाली में घास व अन्य प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे पानी कुछ साफ हो जाए। जगह-जगह पत्थर भी डाले जाएंगे। इनसे गुजरने वाला पानी प्राकृतिक रूप से साफ होगा। यहां से पानी पहले वाले गड्ढे में जाएगा। इस गड्ढे में बिजली की मोटर की मदद से हवा का प्रेशर बनाया जाएगा, जिससे पानी में तेज हलचल होगी। दावा है कि इससे सीवर के पानी में टीओडी व सीओडी का स्तर घट जाएगा। इसी गड्ढे में इस्तेमाल के बाद के नारियल डाल दिए गए हैं। नारियल भी सीवर के पानी को साफ करने में मदद करता है। इसके बाद पानी दूसरे गड्ढे में जाएगा। इस गड्ढे की मेढ़ पर सूती कपड़े की जाली लगाई जा रही है जिससे पानी छनकर तीसरे गड्ढे में जाएगा। इस गड्ढे को पक्का बनाया जाएगा। यहीं से पानी टैंकरों के माध्यम से पौधों की सिचाई के लिए जाएगा। विशेषज्ञ की ले रहे मदद

कैलाश बताते हैं कि इसके लिए उद्यमी निर्मल मेहंडले की मदद ली जा रही है। वे सीवर के पानी को साफ करने का प्लांट लगाने का काम करते हैं। गुरुग्राम में इसी तरह का प्रयोग कर चुके हैं। इसके अलावा बल्लभगढ़ आइटीआइ के प्रधानाचार्य वीरभान व समाजसेवी विरदी भी काफी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका मकसद पौधों के लिए पेयजल वाला पानी इस्तेमाल न करना है। पिछले साल तक वे बर्फ फैक्ट्री से निकले हुए पानी का प्रयोग करते थे, इससे पौधों को नुकसान हुआ। इसलिए अब सीवर का पानी साफ करने का प्लांट लगाने की योजना तैयार की। इस पानी से पाली क्रेशर जोन स्थित फरीदाबाद फारेस्ट में लगे हुए 50 हजार पौधे, सिटी फारेस्ट सहित अन्य जगह लगे हुए 10 हजार पौधों की सिचाई होगी। ट्रस्ट के सदस्य मीनाक्षी शर्मा, संजय राव बागुल, विकास थरेजा बताते हैं कि भूजल स्तर लगातार खिसक रहा है। इसलिए अब सीवर के पानी को साफ करने की तकनीक पर काम करना जरूरी है। इससे पानी का सदुपयोग होगा और पेयजल भी बचेगा। इस बारे में शासन-प्रशासन को जरूर विचार करना चाहिए।

Edited By: Jagran

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