शिव का अर्थ है कल्याणकारी
देवों के देव महादेव शिव का अर्थ कल्याणकारी है। शिव भक्त कल्याण की भावना के साथ मंदिर में आते हैं और
देवों के देव महादेव शिव का अर्थ कल्याणकारी है। शिव भक्त कल्याण की भावना के साथ मंदिर में आते हैं और जलाभिषेक करते हैं। शिव कल्याण करते हैं और कल्याण कार्य करने को प्रेरित भी करते हैं।
सावन के महीने में जलाभिषेक का बड़ा महत्व है। इस महीने में शिव आराधना का महत्व है और इसी महीने में मनोकामनाएं पूरी होती हैं। विशेष कर सोमवार को शिव की विशेष आराधना की जाती है। शिव महिमा की अगर बात करें तो ओम नम: शिवाय में ही सृष्टि के कल्याण का भाव निहित है। शिव के और भी कई रहस्य हैं। ओम नम: शिवाय में ओम सृष्टि में व्याप्त नाद ब्रह्मा हैं। नम: नाद ब्रह्म को नमन है। शिवाय शिव देवता को अभिवादन है। इन सब रहस्यों को समझने के लिए शिव साधना करनी चाहिए। हर साधक शिव महिमा को जान व समझ सकता है, जरूरत है तो समर्पित भाव से साधना करने की। शिव को भोला देवता भी कहा जाता है। शिव को भोला भंडारी कहा जाता है, अन्य किसी देवता को भोला भंडारी नहीं कहा जाता। शिवजी का पूरा परिवार जलाभिषेक से खुश होता है। शिव, पार्वती, नंदी तथा गणेश जी पर जलाभिषेक किया जाता है। अन्य किसी देवता पर जल नहीं चढ़ाया जाता। भोले भंडारी के पूजा, अर्चना एवं आराधना के संदर्भ में कई मान्यताएं रही हैं पर सबके मूल में भक्ति व निष्ठा का निहित होना महत्वूपर्ण है।
-मोहन लाल कुमार, पूर्व प्रधान तथा प्रबंधक, श्री सनातन धर्म हनुमान मंदिर, एनआइटी एक बी ब्लाक।
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