जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़: रानी की छतरी और शाही तलाब के दिन बहुत जल्दी फिरने वाले हैं। इन ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा ने सरकार से एक करोड़ रुपये मांगे हैं। सरकार ने इस योजना को मंजूर कर दिया है।

बल्लभगढ़ के राजा नाहर ¨सह की रानी के स्नान के लिए बल्लभगढ़ सरकारी अस्पताल और राष्ट्रीय राजमार्ग के पास छतरी और शाही तालाब का निर्माण कराया गया था। इस तालाब में आगरा नहर से साफ पानी भरा जाता था। तालाब में रानी स्नान करती थीं और वे छतरी के ऊपर चढ़कर पूजा पाठ करती थीं। राजा नाहर ¨सह 1857 की क्रांति के अग्रणी योद्धाओं में शामिल थे। अंग्रेजों ने उन्हें धोखे से बंधक बनाकर नौ जनवरी 1858 में दिल्ली में लाल चौक पर फांसी पर लटका दिया था। इसके बाद राजा के सभी ऐतिहासिक स्थलों को अंग्रेजों ने अपने कब्जे में ले लिया। आजादी के बाद सभी ऐतिहासिक स्थलों पर राज्य सरकार का कब्जा हो गया।

रानी की छतरी में स्वास्थ्य विभाग ने बाल कल्याण स्वास्थ्य केंद्र स्थापित कर दिया। जब रानी की छतरी और शाही तालाब की स्थिति जर्जर हो गई तो प्रशासन ने इंटेक संस्था की मदद से इसका जीर्णोद्धार करने का काम शुरू कर किया। नगर निगम ने इसके जीर्णोद्धार के लिए 10 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद कोई भी राशि न तो सरकार से मिली और न ही नगर निगम ने दी। इस तरह से जीर्णोद्धार का काम अधर में लटक गया। रानी की छतरी और शाही तालाब का जीर्णोंद्धार के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराई है। इस रिपोर्ट के अनुसार जीर्णोद्धार के लिए एक से सवा करोड़ रुपये की जरूरत बताई गई। विधायक ने इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से एक करोड़ रुपये दिए जाने की मांग की है। इस मांग को मुख्यमंत्री ने मंजूर कर दिया है।

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रानी की छतरी और तालाब के जीर्णोद्धार के लिए एक करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। इसके एस्टीमेट बनाकर भेज जा रहे हैं। एस्टीमेट मंजूर होने के तुरंत बाद टेंडर लग जाएंगे और जीर्णोंद्धार का काम नए वित्त वर्ष की शुरूआत में शुरू होने की उम्मीद है।

- मूलचंद शर्मा, बल्लभगढ़ के विधायक।

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